भोपाल । राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस सत्र से स्नातक (यूजी) का चार वर्षीय आनर्स पाठ्यक्रम प्रारंभ होगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की समित बना दी गई है। पहले स्वशासी कालेजों में चार का आनर्स कोर्स होता था, लेकिन अब उच्च शिक्षा विभाग ने अन्य कालेजों को भी यह अवसर देगा ।
इसमें रिसर्च विद आनर्स और दूसरा आनर्स होगा। इसमें स्नातक वाले कालेजों में आनर्स का और पीजी वाले कालेजों में रिसर्च विद आनर्स का पाठ्यकम शुरू किया जाएगा। कालेजों का नया सत्र जुलाई से शुरू होगा।
इसमें केवल उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा जिनके 7.5 सीजीपीए या उससे अधिक अंक होंगे। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। खास बात यह है कि जो यूजी कालेज स्नातक चतुर्थ वर्ष के लिए मापदंड पूरे करेंगे, उनमें ही प्रवेश दिए जाने की तैयारी है। उन कालेजों को प्राथमिकता रहेगी, जहां पीजी कोर्स संचालित हैं।
यूजी चौथा साल दो तरह का होगा
यूजी का चतुर्थ वर्ष दो तरह का रिसर्च विद आनर्स और आनर्स होगा। विद्यार्थियों को खुद तय करना होगा कि वे इनमें से क्या लेते हैं। स्नातक कालेजों में आनर्स बेस्ड होगा।वहीं पीजी कालेजों में रिसर्च बेस्ड स्नातक शुरू किया जाएगा ।विद्यार्थियों के लिए आनर्स करना एच्छिक होगा, नहीं तो तीन साल बाद भी वे स्नातक की डिग्री ले सकते हैं।
1200 विशेषज्ञ मिलकर तैयार कर रहे हैं पाठ्यक्रम
विभागीय अधिकारी ने बताया कि अब तक स्नातक चतुर्थ वर्ष का पाठ्यक्रम 80 फीसद पूरा कर लिया गया है।20 फीसद प्रवेश प्रक्रिया पूरी होते कर लिया जाएगा।इसमें 78 विषय होंगे । इस पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए 1200 विशेष लगे हैं।12वीं का परिणाम अप्रैल अंत में घोषित होने के बाद मई के पहले या दूसरे सप्ताह से यूजी व पीजी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इनका कहना है
इस वर्ष से स्नातक चार वर्ष का आनर्स रहेगा।इसमें आनर्स और रिसर्च विद आनर्स होगा।विद्यार्थियों यह एच्छिक होगा कि वे तीन वर्ष का ही स्नातक या चार वर्ष का करें।इसके पाठ्यक्रम 80 फीसद तैयार कर लिए गए हैं।इस सत्र से स्नातक चार वर्षीय में प्रवेश मिलेगा।
धीरेंद्र शुक्ला, विशेष कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारी