ऑस्‍ट्रेलिया में सोती रही सरकार, खालिस्‍तान समर्थकों ने इंदिरा गांधी के हत्‍यारों के सम्‍मान में निकाली रैली

Updated on 18-01-2023 06:22 PM
मेलबर्न: ऑस्‍ट्रेलिया के मेलबर्न में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। यहां पर 15 जनवरी को खालिस्‍तान समर्थकों ने एक विशाल रैली निकाली जिसमें करीब दो हजार लोग शामिल हुए। कई घंटों तक चली इस रैली का मकसद भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी के हत्‍यारों का महिमामंडन करना था। छह जनवरी 1989 को इंदिरा के हत्‍यारों सतवंत सिंह और केहर सिंह को फांसी की सजा दी गई थी। ऑस्‍ट्रेलिया में 29 जनवरी को खालिस्‍तान एक जनमत संग्रह करने वाला है। इस रैली के जरिए लोगों को इस बारे में भी बताया गया।
29 जनवरी को है जनमत संग्रह
मेलबर्न में जो रैली हुई उसे सिख फॉर जस्टिस (SFJ) की तरफ से आयोजित किया गया था। इसी संगठन की तरफ से ऑस्‍ट्रेलिया में जनमत संग्रह का आयोजन भी किया जा रहा है। जिन हत्‍यारों के समर्थन में रैली का आयोजन हुआ उन्‍होंने ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार का बदला लेने के मकसद से इंदिरा की हत्‍या कर दी थी। उनकी फांसी को 34 साल हो गए हैं और रैली मे दोनों को शहीद करार देते हुए उनका सम्‍मान किया गया।
ट्रक और कारों में हत्‍यारों के विशाल पोस्‍टर लगे थे। इनके साथ ही एक पोस्‍ट जरनैल सिंह भिंडरवाला का भी था। भिंडरवाला ने ही अलग पंजाब देश की मांग करने वाले खालिस्‍तान आंदोलन की शुरुआत की थी। रैली में ही 29 जनवरी को होने वाले जनमत संग्रह का ऐलान किया गया। इसे 'लास्‍ट बैटल' नाम दिया गया है।
भारत सरकार की अपील अनसुनी
खालिस्‍तान की इस रैली ने ऑस्‍ट्रेलिया में बसे हिंदु समुदाय को काफी नाराज कर दिया है। बताया जा रहा है कि हिंदुओं ने उनके बैनर्स को फाड़ दिया और खालिस्‍तान आंदोलन का विरोध किया। इस वजह से सिख और हिंदु समुदाय में तनाव बढ़ गया है। भारत की तरफ से लगातार ऑस्‍ट्रेलिया की सरकार के सामने इस आंदोलन को लेकर विरोध जताया गया है। मगर ऑस्‍ट्रेलिया सरकार की तरफ से इस पूरे मसले को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। सरकार ने अभी तक 29 जनवरी को होने वाले जनमत संग्रह को लेकर कोई भी बड़ा फैसला नहीं लिया है।

ऑस्‍ट्रेलिया के हिंदू नाराज

मेलबर्न में एसएफजे की तरफ से वोटिंग का आयोजन भी है। मगर ऐसा लगता है कि अथॉरिटीज अभी तक सो रही हैं। 8 जनवरी से ही सोशल मीडिया पर मेलबर्न रैली को लेकर पोस्‍ट्स की जा रही थीं। ऑस्‍ट्रेलिया हिंदू मीडिया की तरप से ट्विटर पर एक पोस्‍ट शेयर की गई है। इसमें कहा गया है कि इंदिरा गांधी के हत्‍यारों को प्‍लमटन गुरुद्वारे की तरफ से सम्‍मानित किया जा रहा है। यह कैसे किसी चैरिटी का काम हो गया। क्‍या ऑस्‍ट्रेलिया में चैरिटी और नॉट फॉर प्रॉफिट्स इस तरह के कामों को सही मानते हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 June 2026
काबुल: अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी सैन्य योजना बनाई है। तालिबान नेता मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा की सुरक्षा…
 20 June 2026
इस्लामाबाद/ढाका: पाकिस्तान की नौसेना ने संकेत दिए हैं वो 1971 की जंग के बाद पहली बार बंगाल की खाड़ी में अपनी पनडुब्बी भेज सकता है। ये सीधे तौर पर भारत…
 20 June 2026
इस्लामाबाद: सिंधु जल संधि पर भारत की रोक से तड़प रहे पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सामने गुहार लगाई है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार…
 20 June 2026
वॉशिंगटन: ईरान डील को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव अब दोनों देशों के नेताओं की बयानबाजी में भी दिखाई देने लगा है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
 19 June 2026
वॉशिंगटन: पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत के सिंधु बेसिन की नदियों पर शुरू किए गए नए प्रोजेक्ट को लेकर एतराज जताते हुए कई आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम…
 19 June 2026
न्यूयॉर्क: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बिगड़ते हालात और प्रदर्शकारियों की हत्या को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद(UNHRC) में पाकिस्तान को बखिया उधेड़ी है। पीओके के…
 19 June 2026
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पहली बार बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति…
 19 June 2026
पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस दौरा खत्म होने पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें सरप्राइज दिया है। मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए हिंदी में खास विदेश संदेश…
 16 June 2026
बीजिंग: "दूर के रिश्तेदार से अच्छा एक करीबी पड़ोसी होता है।" यह कहावत तो आपने सुनी होगी लेकिन इस बार चीन के विदेश मंत्री वांय यी ने इसका इस्तेमाल नेपाल…
Advt.