गाजियाबाद का खोड़ा आग के मुहाने पर, 70 फीसदी इमारतें खतरे में, एक चिंगारी से मच सकती है बड़ी तबाही

Updated on 01-04-2026 12:08 PM
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में आग से बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में हुए सर्वे में सामने आया है कि यहां की 70 प्रतिशत से ज्यादा इमारतें आग लगने की स्थिति में बेहद संवेदनशील हैं। फायर विभाग ने यह रिपोर्ट शासन और प्रशासन को भेज दी है, जिससे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

3 मार्च की घटना ने खोली पोल

खोड़ा के संगम विहार में 3 मार्च की रात एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। आग पार्किंग में खड़ी एक बाइक से शुरू हुई और देखते ही देखते 40 से ज्यादा वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में रह रहे करीब 250 लोग अंदर ही फंस गए। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और 22 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

दमकल विभाग का सर्वे

इस दर्दनाक घटना के बाद दमकल विभाग ने खोड़ा में दो सप्ताह तक व्यापक जांच अभियान चलाया। सर्वे में पाया गया कि इलाके की 70 प्रतिशत से ज्यादा इमारतें आग लगने के लिहाज से बेहद खतरनाक स्थिति में हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पूरे खोड़ा क्षेत्र में एक भी सरकारी फायर हाइड्रेंट मौजूद नहीं है। हालांकि कुछ होटल और निजी बारात घरों में निजी हाइड्रेंट हैं, लेकिन उनकी क्षमता बेहद सीमित है।

इमारतों में सुरक्षा के इंतजाम न के बराबर

जांच में यह भी सामने आया कि खोड़ा की अधिकांश इमारतों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई इमारतों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) नहीं है, जिससे आग लगने पर लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता नहीं होता।
इतना ही नहीं, कई इमारतों में खिड़कियों का अभाव है, जिससे धुआं बाहर नहीं निकल पाता और लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।

बिल्डर की लापरवाही बनी हादसे की वजह

दमकल विभाग की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि 3 मार्च के हादसे का मुख्य कारण बिल्डर की लापरवाही थी। इमारत में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था, जो पार्किंग से होकर गुजरता था। इसके अलावा इमारत में फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) भी नहीं ली गई थी। आपातकालीन सीढ़ियों का अभाव और खराब प्लानिंग ने हादसे को और गंभीर बना दिया।

प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के अनुसार, जांच अभियान की रिपोर्ट शासन और प्रशासन को भेज दी गई है। वहीं, एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

राहत और बचाव में आएंगी बड़ी मुश्किलें

रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि खोड़ा की इन इमारतों में आग लगती है, तो राहत और बचाव कार्य करना बेहद मुश्किल होगा। संकरी गलियां, अव्यवस्थित निर्माण और फायर सेफ्टी की कमी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 September 2026
बैंगलुरू: इंडियन एयरफोर्स को आज (शुक्रवार) दो LCA मार्क-1 ट्रेनर एयरक्राफ्ट और तीन बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट HTT40 की डिलीवरी हो जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ये कार्यक्रम…
 18 September 2026
नई दिल्ली: पूर्व IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने से 7 लोगों की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू किया है, जिसके जरिए वे मोटी कमाई…
 18 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जजों, एमिकस क्यूरी (अदालत के सलाहकार) और वकीलों के खिलाफ मिली बड़ी संख्या में गुमनाम शिकायतों को गंभीरता से लिया है। यह घटनाक्रम तब हुआ…
 18 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश में मात्र आधे घंटे का समय अंतराल है। बांग्लादेश की घड़ी भारत से आधे घंटे आगे है। लेकिन, बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र…
 18 September 2026
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले यादगार तोहफों की ई-नीलामी के आठवें एडिशन में बिक्री के लिए रखी गई चीजों में कर्नाटक से आई भगवान राम की चांदी की…
 18 September 2026
नई दिल्ली/बेंगलुरु: भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू उन्नत विमान तेजस Mk1A में अब भी कई दिक्कतें रह गई हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के CMD रवि के. ने गुरुवार को…
 18 September 2026
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। इस बीच अमेरिकी कांग्रेस ने एक ऐसा कानून पारित क‍िया है, जिसके तहत रूस से तेल और…
 17 September 2026
श्रीधर वेम्बू (जोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक और पूर्व सीईओ)भारत की तेजी से विकसित हो रही डीप टेक क्षमता के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता का बड़ा योगदान…
Advt.