जर्मनी वीसा नियम बदलेगा:भारतीयों को ज्यादा मौके मिलेंगे, अमेरिका में नौकरियों में कटौती के बीच बंधी उम्मीद

Updated on 05-12-2022 06:11 PM

दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी कुशल प्रवासियों की तलाश में है। जर्मन सरकार ने देश के विकास में योगदान देने वाले कुशल पेशेवरों के लिए अपने दरवाजे खोलने की तैयारी की है। इस दिशा में नवंबर के आखिरी हफ्ते में भारत समेत अन्य देशों के कुशल श्रमिकों के आप्रवासन नियमों में सुधार का मसौदा तैयार किया है।

ड्राफ्ट कानून में अप्रवासियों को नागरिकता देने के लिए जर्मनी में न्यूनतम आठ साल के निवास की शर्त को घटाकर 5 साल किया गया है। वीसा नियमों में सुधार के नए ड्रॉफ्ट कानून से अप्रवासी खुश हैं। जर्मन लॉजिस्टिक कंपनी डीएचएल की सत्या एस. ने कहा, ‘मैं इस मसौदे को लेकर उत्साहित हूं। मैं यहां भाषा सीखने और डिग्री लेने के बाद जर्मन नागरिकता लेना चाहती हूं। मुझे उम्मीद है कि अब यह सपना जल्दी सच होगा।’

यूरोपियन के बाद जर्मनी में सबसे ज्यादा भारतीय आए
इंस्टीट्यूट फॉर एम्प्लॉयमेंट रिसर्च के अनुसार, जर्मनी को प्रति वर्ष कम से कम 4 लाख कुशल पेशेवरों की जरूरत है। जर्मनी में पिछले साल 19 लाख लोग दूसरे देशों से आए थे। इनमें से 16 लाख यूरोपीय संघ के देशों से थे। यानी करीब 3 लाख लोग यूरोप के बाहर से आए। इनमें पहले स्थान पर भारत के लोग थे। नया कानून जर्मनी में दोहरी नागरिकता को आसान बनाता है। ऐसे में आईटी कुशल भारतीयों के लिए अच्छा मौका होगा।

बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण होने से आईटी में जॉब ज्यादा
जर्मनी को डिजिटलीकरण की जरूरत है, जिससे जॉब के अवसर हैं। यहां पुराने कंप्यूटर वाले स्कूल, फैक्स मशीनों पर निर्भर कर्मी है। 2020 के ईयू की डिजिटल इकोनॉमी एंड सोसाइटी इंडेक्स में 28 ईयू देशों में जर्मनी 21वें स्थान पर था।

भारतीयों को ज्यादा मौके क्यों

  • भारत के आईटी पेशेवरों को जर्मनी आने का अवसर दिया जा रहा है।
  • कई जर्मन कंपनियां पहले से ही भारत से काम आउटसोर्स करती हैं।
  • डेटा कानून की वजह से भारतीयों को जर्मनी में ही जॉब देना मजबूरी है।
  • आईआईटी खड़गपुर, बॉम्बे, दिल्ली की डिग्री, जर्मन डिग्री के समान मान्य।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 June 2026
काबुल: अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी सैन्य योजना बनाई है। तालिबान नेता मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा की सुरक्षा…
 20 June 2026
इस्लामाबाद/ढाका: पाकिस्तान की नौसेना ने संकेत दिए हैं वो 1971 की जंग के बाद पहली बार बंगाल की खाड़ी में अपनी पनडुब्बी भेज सकता है। ये सीधे तौर पर भारत…
 20 June 2026
इस्लामाबाद: सिंधु जल संधि पर भारत की रोक से तड़प रहे पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सामने गुहार लगाई है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार…
 20 June 2026
वॉशिंगटन: ईरान डील को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव अब दोनों देशों के नेताओं की बयानबाजी में भी दिखाई देने लगा है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
 19 June 2026
वॉशिंगटन: पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत के सिंधु बेसिन की नदियों पर शुरू किए गए नए प्रोजेक्ट को लेकर एतराज जताते हुए कई आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम…
 19 June 2026
न्यूयॉर्क: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बिगड़ते हालात और प्रदर्शकारियों की हत्या को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद(UNHRC) में पाकिस्तान को बखिया उधेड़ी है। पीओके के…
 19 June 2026
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पहली बार बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति…
 19 June 2026
पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस दौरा खत्म होने पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें सरप्राइज दिया है। मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए हिंदी में खास विदेश संदेश…
 16 June 2026
बीजिंग: "दूर के रिश्तेदार से अच्छा एक करीबी पड़ोसी होता है।" यह कहावत तो आपने सुनी होगी लेकिन इस बार चीन के विदेश मंत्री वांय यी ने इसका इस्तेमाल नेपाल…
Advt.