भारत से दोस्‍ती, वियतनाम की यात्रा... चीनी ड्रैगन को घर में ही घेर रहे अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन

Updated on 13-09-2023 01:52 PM

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति इस समय देश से बाहर हैं। वह चीन को घेरने में लगे हैं। जो बाइडन का राष्ट्रपति कार्यकाल लोकतंत्र बनाम निरंकुशता के इर्द-गिर्द घूमता है। उन्होंने अमेरिका को रूस और चीन के विरोध में खड़ा किया है। जी-20 शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीन के शी जिनपिंग दोनों ही नहीं थे। तब बाइडन ने भारत और सऊदी के नेताओं से मिलने का मौका अपने पक्ष में कर लिया। वहीं वियतनाम में बाइडन ने गहरे संबंध स्थापित किए। इसमें वियतनाम एयरलाइंस और अमेरिकी कंपनी बोइंग के बीच सौदों की घोषणा शामिल है।


इसका उद्देश्य अमेरिका को उभरते बाजार में पहुंचाना और मित्र राष्ट्रों में निवेश करना था। भारत के जी-20 में राष्ट्रपति बाइडन ने पीएम नरेंद्र मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ मिलकर इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारे की घोषणा की। यह कॉरिडोर भारत को मिडल ईस्ट से एक रेल नेटवर्क के रास्ते इजरायल तक पहुंचाएगा। यहां से समुद्र मार्ग के जरिए यूरोप जाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को सीधे तौर पर चीन के वन बेल्ट वन रोड के खिलाफ माना जा रहा है।

खाड़ी देशों पर भरोसा करता है अमेरिका


सीएनएन की एक रिपोर्ट में लिखा गया, 'इस महत्वाकांक्षी योजना से पता चलता है कि अमेरिका चीन को रोकने से जुड़े प्रयासों के लिए अपने मध्य पूर्व के सहयोगियों पर भरोसा कर सकता है। लेकिन खाड़ी देश अमेरिका जैसे पुराने सहयोगियों के साथ चीन जैसे उभरते साझेदारों के बीच संतुलन खोजने की कोशिश करता है। क्योंकि वह एक ऐसी विश्व व्यवस्था को देख रहे हैं जो एक ध्रुवीय नहीं है।' बाइडन का कहना है कि व्यापार मार्ग की घोषणा का असर कई पीढ़ियो तक दिखेगा।

चीन को टक्कर देने की कोशिश

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले एक दशक में कोई भी जी-20 का शिखर सम्मेलन नहीं छोड़ा है। शी इससे कुछ दिन पहले ही ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल हुए। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जी-20 में न आना शी का मोहभंग दिखाता है। वह देखते हैं कि ज्यादातर जगहों पर अमेरिका का प्रभाव हावी है। इसकी जगह वह उन मंचों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो चीन के लिहाज से फिट बैठें, जैसे-ब्रिक्स और आगामी बेल्ड एंड रोड फोरम। चीन को टक्कर देने की हर कोशिश में बाइडन लगे हैं। वह इसके लिए वियतनाम को भी साथ ला रहे हैं, जो एक कम्युनिस्ट देश ही है।
 

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.