
विदिशा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक संदिग्ध मिलने के बाद आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर जांच कराने के लिए कहा था। कारण यह प्रमाण पत्र कलेक्टर ही जारी करते हैं।
अभी तक की जांच में नौ के प्रमाण पत्र सही और सात फर्जी मिले हैं। छह की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इसके लिए सोमवार को आयुक्त ने कलेक्टरों को पत्र लिखा है। बता दें कि इस कोटे के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाती-नातिन और पोता-पोती पात्र होते हैं।