विदेशी निवेशकों ने जनवरी में इस सेक्टर को दिया 30,000 करोड़ का झटका, जानिए पूरी डिटेल

Updated on 09-02-2024 01:25 PM
नई दिल्ली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने नवंबर और दिसंबर में भारतीय शेयरों में अरबों डॉलर झोंके थे। लेकिन जनवरी में उन्होंने सारी कसर निकाल दी। आंकड़ों के मुताबिक बीते महीने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजार में सात सेक्टरों में 40,300 करोड़ रुपये यानी 4.8 अरब डॉलर की बिकवाली की। लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान में फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर रहा। पिछले महीने एफपीआई ने इस सेक्टर में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की। दिसंबर में उन्होंने फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में 29,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।

एफपीआई ने खासकर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में जमकर बिकवाली की। जनवरी में इस बैंक के शेयरों में 14 फीसदी गिरावट रही जो मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी मंथली गिरावट है। कमाई के मोर्च पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं होने से ब्रोकरेज ने इसके शेयर को डाउनग्रेड कर दिया। इससे निवेशकों ने जमकर इसकी बिकवाली की। फाइनेंशियल सेक्टर के बाद एफपीआई ने सबसे ज्यादा बिकवाली कंज्यूमर गुड्स और ऑटोमोबाइल सेक्टरों में की। जनवरी में विदेशी निवेशकों ने इनमें से प्रत्येक सेक्टर में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। साथ ही मेटल्स एंड माइनिंग और मीडिया एंड एंटरटेनमेंट सेक्टर में भी एफपीआई ने बिकवाली की।

विदेशी निवेशकों ने क्या खरीदा

विदेशी निवेशकों ने जनवरी में मीडिया एंड एंटरटेनमेंट सेक्टर में 1,746 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जो दिसंबर के 1,248 करोड़ की तुलना में अधिक है। इस सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज में देखने को मिली। जी और सोनी के बीच 10 अरब डॉलर की डील टूटने का कारण जी के शेयरों में जनवरी में 37 फीसदी गिरावट आई। यह मार्च, 2020 के बाद कंपनी के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट है। इस कंपनी में एफपीआई की 28% से अधिक हिस्सेदारी है। मेटल्स एंड माइनिंग सेक्टर में एफपीआई ने जनवरी में 1,627 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि दिसंबर में उन्होंने 1,311 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

जनवरी में एफपीआई नेट सेलर्स रहे लेकिन उन्होंने आईटी, ऑयल एंड गैस, टेलिकॉम, पावर और कैपिटल गुड्स सेक्टर में खरीदारी की। लगातार तीसरे विदेशी निवेशकों ने आईटी सेक्टर के शेयरों में निवेश किया। इस दौरान उन्होंने 4,485 करोड़ रुपये की खरीदारी की। नवंबर से वे इस सेक्टर में 10,400 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं। ऑयल एंड गैस सेक्टर में उन्होंने 3,467 करोड़ रुपये का निवेश किया जबकि दिसंबर में 542 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इसी तरह उन्होंने टेलिकॉम एंड पावर सेक्टर में पिछले महीने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की।

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