अमेरिकी कब्‍जे का डर, ग्रीनलैंड में NATO सेना बढ़ाने की तैयारी, ब्रिटेन और जर्मनी ने यूरोपीय नेताओं के साथ बनाया प्‍लान

Updated on 12-01-2026 12:21 PM
कोपनहेगन: अमेरिका के ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना से यूरोप में बेचैनी बढ़ती जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हमले की धमकियों के बीच यूरोपीय नेता ग्रीनलैंड में नाटो मिलिट्री बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं। ब्रिटेन और जर्मनी के नेतृत्व में यूरोपीय नेताओं की यह बातचीत हो रही है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह मैसेज देना जरूरी है कि यूरोप के देश ग्रीनलैंड की सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर हैं। ट्रंप ने इस क्षेत्र की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए अमेरिकी कंट्रोल की बात कही है। उन्होंने कथित तौर पर अपनी सेना को ग्रीनलैंड पर हमले की योजना बनाने का आदेश दिया है।

ब्लूमबर्ग न्यूज ने रविवार को अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ब्रिटेन और जर्मनी के नेतृत्व में यूरोपीय देश डोनाल्ड ट्रंप को ग्रीनलैंड के मुद्दे पर शांत करना चाहते हैं। इसके लिए यूरोपीय देश ग्रीनलैंड में नाटो सेना की मौजूदगी बढ़ाने की योजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग ने इससे परिचित सूत्रों के हवाले से कहा है कि जर्मनी का आर्कटिक क्षेत्र की रक्षा के लिए एक जॉइंट नाटो मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव है।

अमेरिका को भरोसा देने की कोशिश

रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोपीय सरकारें ग्रीनलैंड में नाटो की ज्यादा और स्पष्ट भूमिका पर विचार कर रही हैं। इससे संकेत जाएगा कि आर्कटिक सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है, ना कि अमेरिका को अकेले कार्रवाई करने की जरूरत है। जर्मनी और ब्रिटेन इस बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं।
यूरोपीय नेताओं के बीच यह बातचीत तब शुरू हुई, जब ट्रंप ने कहा कि रूस या चीन को रोकने के लिए अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कंट्रोल चाहिए। ट्रंप ने बार-बार यह कहा है कि ग्रीनलैंड के पास रूसी और चीनी नौसैनिक गतिविधियां हो रही हैं। हालांकि इसे ग्रीनलैंड के करीबी देशों ने खारिज किया है।

यूरोप में बढ़ी ग्रीनलैंड पर चिंता

डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकियों से यूरोप में चिंता है। यूरोपीय नेता ट्रंप के रूसी और चीनी जहाजों के ग्रीनलैंड के पास काम करने के दावों से सहमत नहीं दिख रहे हैं। यूरोप का तर्क है कि मौजूदा नाटो संरचना और आर्कटिक देशों के बीच सहयोग के साथ मिलकर मौजूदा खतरों को संभालने के लिए पर्याप्त हैं।

यूरोप यह बताने की कोशिश कर रहा है कि ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे का जो तर्क दे रहे हैं, उसमें दम नहीं है। मौजूदा व्यवस्था में ही रूस और चीन का अगर कोई खतरा है तो उससे निपटा जा सकता है। यूरोप की बात को अभी तक ट्रंप सुनते हुए नहीं दिखे हैं। वह ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात को लेकर अड़े हुए दिख रहे हैं।

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