
भोपाल। शहर में सांस्कृतिक, सामाजिक, कलात्मक, खेल, धार्मिक आदि गतिविधियों का सिलसिला चलता रहता है। सोमवार 22 मई को भी शहर में कई ऐसे कार्यक्रम हैं, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। हालांकि आप यह भी न भूलें कि कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर सामने आने लगे हैं। लिहाजा, आपको हमारी सलाह है कि घर से बाहर निकलते समय आप मास्क का उपयोग करें और सुरक्षित शारीरिक दूरी का ध्यान रखें। यहां हम कुछ ऐसे चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।
विहान की बाल नाट्य कार्यशाला
विहान संस्था द्वारा बाल नाट्य कार्यशाला का आयोजन मंजरी लाइब्रेरी, न्यू मार्केट में किया जा रहा है। यहां बच्चों को मुख्य प्रशिक्षक श्वेता केतकर, हेमंत देवलेकर, अंकित पारोचे द्वारा रंगमंच की बारीकियों से अवगत किराया जा रहा है।कार्यशाला तीन बजे से शाम सात तक चल रही है।
स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में न्यू चिल्ड्रन कलेक्शन
स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में न्यू चिल्ड्रन बुक्स समर कलेक्शन लगाया जा रहा है। इस 50 बुक्स के नए कलेक्शन को घर लेकर जा सकते हैं। इस कलेक्शन को सुबह 11 बजे से रात आठ बजे तक देखा जा सकता है।
बनबीबी की स्क्राल पेंटिंग का प्रादर्श
राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के नवीन श्रृंखला ''सप्ताह का प्रादर्श'' के तहत मई माह के तृतीय सप्ताह के प्रादर्श के रूप में‘ बनबीबी की एक स्क्राल पेंटिंग को शामिल किया गया है।इस प्रादर्श को सुबह 11 बजे से रात आठ बजे तक देखा जा सकता है।
कंटेम्परेरी बैले डांस कार्यशाला
ब्लेस वेलफेयर सोसायटी द्वारा 21 दिवसीय कंटेम्परेरी बैले डांस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में विशेषज्ञ योगेन्द्र सिंह राजपूत प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह कार्यशाला रंगश्री लिटिल बैले ट्रुप सभागार में सुबह नाै बजे से 12.30 बजे तक आयोजित की जा रही है।
गंगूबाई की चित्रों की प्रदर्शनी
जनजातीय संग्रहालय द्वारा प्रदेश की ''लिखंदरा प्रदर्शनी दीर्घा'' में भील समुदाय की चित्रकार गंगूबाई के चित्रों की प्रदर्शनी सह-विक्रय का संयोजन किया गया है। 37वीं शलाका चित्र प्रदर्शनी के तहत चित्रों में बिंदियों का उपयोग कर आकृतियां बनाई गई हैं। वर्ष 1972 में गंगूबाई का जन्म मेघनगर, झाबुआ के किसान परिवार में हुआ था।