कैमरून ग्रीन भारत के खिलाफ सीरीज से ठीक पहले चोटिल हो गए थे। टीम में चुने तो गए थे, लेकिन शुरुआती दो मैचों में फिट नहीं होने की वजह से खेल नहीं पाए थे।

विदेशी प्लेयर्स के टैलेंट की असल परीक्षा भारतीय मैदानों पर होती है। खासकर ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स के लिए यहां रन बनाना बेहद मुश्किल माना जाता है। स्पिन के खिलाफ जिस तरह से ग्रीन ने बैटिंग की वह काबिलेतारीफ है। वह सिर्फ 23 वर्ष के हैं।
ग्रीन जब मैदान पर उतरे तो थे तो ऑस्ट्रेलिया ने 170 रनों पर चौथा विकेट गंवाया था। इसके बाद ग्रीन ने उस्मान ख्वाजा के साथ मिलकर टीम को 350 रनों के पार पहुंचाया।
ऊंचे-ऊंचे शॉट खेलने के लिए जाने वाले ग्रीन ने गजब का धैर्य द
खाया और अभी तक एक भी छक्का नहीं लगाया है। इससे पता चलता है कि वह कितने कमिटेड रहे।
कैमरून ग्रीन भारत के खिलाफ सीरीज से ठीक पहले चोटिल हो गए थे। टीम में चुने तो गए थे, लेकिन शुरुआती दो मैचों में फिट नहीं होने की वजह से खेल नहीं पाए थे।