
पीएफ खाते में हर माह कर्मचारी और नियोक्ता द्वारा जमा की गई राशि पर ब्याज मिलता है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी के पास दो विकल्प होते हैं, वह पूरी जमा राशि को एकसाथ निकाल सकता है या वह इसे मासिक पेंशन के रूप में प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा कर्मचारी अपनी जरूरतों के अनुसार सेवानिवृत्ति से पहले भी पीएफ खाते से कुछ राशि निकाल सकता है।
यदि किसी फैक्ट्री या प्रतिष्ठान में लॉकडाउन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं और वह 15 दिन से ज्यादा समय तक बंद रहती है तो कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा 100% तक राशि निकाल सकता है। यह राशि उसे बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वह अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी कर सके।
यदि किसी कर्मचारी को नौकरी से निकाला जाता है या छंटनी में उसे हटा दिया जाता है और उसने इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है तो वह पीएफ खाते से एडवांस में 50 प्रतिशत तक राशि निकाल सकता है।
यदि कोई फैक्ट्री या प्रतिष्ठान छह महीने से अधिक समय तक बंद रहता है तो कर्मचारी को 100 प्रतिशत एडवांस राशि निकालने की अनुमति होती है। जब फैक्ट्री पुनः चालू होती है तो कर्मचारी को यह राशि 36 किस्तों में अपने वेतन से वापस चुकानी होती है।
यदि कोई प्रतिष्ठान पांच साल से अधिक समय तक बंद रहता है तो कर्मचारी के लिखित अनुरोध पर यह राशि नान रिकवरेबल एडवांस में बदल दी जाती है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारी को इस राशि को वापस नहीं करना होगा।
यह प्रविधान खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है, जो लंबे समय तक बेरोजगारी की स्थिति में रहते हैं। ईपीएफओ कर्मचारियों को पीएफ खाते पर सात प्रकार की पेंशन योजनाओं का लाभ भी देता है। इनमें मासिक पेंशन, सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त राशि, और इमरजेंसी पेंशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ये योजनाएं कर्मचारियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार आर्थिक मदद प्रदान करती है।
यदि कोई कर्मचारी किसी कारणवश एक माह या उससे अधिक समय तक बेरोजगार रहता है तो वह अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि का 75 प्रतिशत तक निकाल सकता है।
पीएफ निकासी की ऑनलाइन प्रक्रिया
वर्तमान समय में ईपीएफओ ने पीएफ निकासी की प्रक्रिया सरल और डिजिटल बना दी है।
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर का उपयोग कर ऑनलाइन निकासी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके लिए पहले ईपीएफओ की वेबसाइट पर लॉगिन करें।
अपना यूएएप और पासवर्ड दर्ज करें, ‘क्लेम’ ऑप्शन पर क्लिक करें
आवश्यक जानकारी भरें, एडवांस निकासी का कारण चुनें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
इसके बाद में राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है।