इनहेलर के सहारे इंग्लिश क्रिकेटर, दिल्ली की दमघोंटू हवा में सांस लेना मुश्किल, पॉल्यूशन के बीच वर्ल्ड कप
Updated on
03-11-2023 02:52 PM
नई दिल्ली: इंग्लैंड के क्रिकेटरों को प्रमुख भारतीय शहरों में प्रदूषण के उच्च स्तर से निपटने के लिए ‘इनहेलर’ का इस्तेमाल करते देखा गया। एक ब्रिटिश वेबसाइट के मुताबिक इंग्लैंड के कुछ क्रिकेटरों को इनहेलर लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। इनहेलर का इस्तेमाल आमतौर पर अस्थमा से पीड़ित लोग करते हैं। टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स को बेंगलुरु में श्रीलंका के खिलाफ मैच से पहले ट्रेनिंग के दौरान इनहेलर का उपयोग करते देखा गया था। दिल्ली की वायु गुणवत्ता गुरुवार को 400 का आंकड़ा पार कर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई।
रोहित शर्मा ने भी जताई थी चिंताप्रदूषण ने मुंबई में भी बड़ी चिंता पैदा कर दी है और भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने गुरुवार को श्रीलंका के खिलाफ मैच से पहले इस मुद्दे पर बात की। रोहित ने बुधवार को कहा, ‘मेरा मतलब है आदर्श दुनिया में आप इस तरह की स्थिति नहीं चाहते हैं, लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि संबंधित लोग आवश्यक कदम उठा रहे हैं। यह आदर्श स्थिति नहीं है, हर कोई यह जानता है। आपके बच्चे, मेरे बच्चे, हमारी भविष्य की पीढ़ियों को देखते हुए जाहिर है कि यह काफी महत्वपूर्ण है कि उन्हें बिना किसी डर के जीने का मौका मिले।’
पहले भी हो चुकी इंटरनेशनल बेइज्जतीइंग्लैंड की टीम चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने अगले मैच के लिए अहमदाबाद में है। इससे पहले 2017 में श्रीलंका के खिलाड़ियों को टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच के दौरान नई दिल्ली में मैदान पर मास्क पहनने के लिए मजबूर होना पड़ा था। लैंसेट अध्ययन के अनुसार, 2019 में भारत में प्रदूषण के कारण 23 लाख से अधिक मौतें हुईं।नॉकआउट में परेशानी नहीं!
इंग्लैंड के खिलाड़ी जो रूट ने पिछले दिनों एक मैच के बाद कहा था, 'ऐसा लग रहा था आप सांस नहीं ले पा रहे हैं। यह अलग तरह का अनुभव था।’ भारत के कुछ शहरों में बेहद गंभीर की श्रेणी में पहुंच चुके AQI के बीच राहत की बात है कि राजधानी में अब वर्ल्ड कप का एक ही मैच बचा है। नॉकआउट मैच कोलकाता, मुंबई और अहमदाबाद में खेले जाने हैं जहां दिल्ली-एनसीआर के मुकाबले AQI का स्तर बेहतर है। गुरुवार को अहमदाबाद का औसत AQI 125 के आसपास था। इसी तरह मुंबई और कोलकाता में भी हवा की गुणवत्ता बहुत अच्छी नहीं होने के बावजूद वर्ल्ड कप के मेजबान कुछ शहरों से बेहतर है।