
प्रदेश के 167 कॉलेजों ने शासन से प्रवेश की अनुमति और फीस निर्धारित करने के लिए आवेदन किए हैं। जबकि उक्त कॉलेजों के पास जबलपुर मेडिकल विश्वविद्यालय से संबद्धता और नर्सिंग काउंसिल से मान्यता नहीं मिली है। इन कॉलेजों ने एएफआरसी से आगामी तीन सत्रों की फीस मांगी है। कमेटी ने उनसे काउंसिल से मान्यता और विवि से संबद्धता संबंधी दस्तावेज तलब किये हैं। फीस कमेटी ने कॉलेजों को एक माह की मोहलत देते हुए नर्सिंग काउंसिल को पत्र लिखकर नर्सिंग कॉलेजों की लिस्ट मांगी है, ताकि मान्यता प्राप्त कॉलेजों की फीस निर्धारित की जा सके।
25 लॉ कॉलेजों भी इंतजार में
बार काउंसिल आॅफ इंडिया (बीसीआई) प्रदेश के करीब 25 लॉ कॉलेजों की अभी तक
मान्यता जारी नहीं की है। इन कॉलेजों ने फीस कमेटी को अपनी फीस निर्धारित
करने के लिए प्रस्ताव दिया था। लेकिन बीसीआई की अनुमति नहीं मिलने से इन
कॉलेजों का फीस फिक्सेशन रुक गया है। कमेटी ने बीसीआई पत्र लिखकर मान्यता
प्राप्त लॉ कालेजों की लिस्ट मांगी है।
डेढ़ सौ से अधिक कॉलेजों के पास भवन मौजूद होने के बाद भी संबद्धता और
मान्यता नहीं है। इसलिए उनकी फीस निर्धारित नहीं की है। हमने रजिस्ट्रार
नर्सिंग काउंसिल से कॉलेजों की लिस्ट मांगी है। लिस्ट मिलने के बाद मान्यता
प्राप्त कॉलेजों की फीस तय की जाएगी।
डॉ. देव आनंद हिंडोरिया, ओएसडी, प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति