HRA क्लेम करते हैं तो मत कीजिए ये गलतियां, नहीं तो हो सकती है मुश्किल

Updated on 11-04-2024 02:49 PM
नई दिल्‍ली: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम के मामले में हाल में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी थी। एचआरए सैलरी का एक हिस्सा होता है जो एम्प्लॉयर अपने कर्मचारियों को घर का किराया चुकाने में मदद करने के लिए देता है। यह अलाउंस टैक्सेबल होता है, लेकिन कुछ शर्तों के तहत कर्मचारी इस पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। लेकिन कई लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। किराये के मकान पर न रहने के बावजूद वे HRA क्‍लेम करने के लिए फर्जी प्रूफ देते हैं। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने हाल में एचआरए का गलत दावा करने के लिए पैन के फर्जी इस्‍तेमाल से जुड़ा खेल पकड़ा था। इसके बाद कई लोगों को नोटिस सर्व किए गए थे। हालांकि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टेक्सेस (CBDT) ने साफ किया है कि HRA क्लेम से संबंधित मामलों की जांच के लिए उसका स्पेशल ड्राइव का कोई इरादा नहीं है।

लेकिन जानकारों का कहना है कि एचआरए क्लेम के लिए फर्जी प्रूफ देने से बचना चाहिए। देर-सबेर वे विभाग की नजरों में आ सकते हैं। अमूमन सैलरीड लोग एचआरए के लिए टैक्स डिडक्शन का दावा करते समय तीन गलतियां करते हैं। पहली गलती यह है कि वे खासकर परिजनों, रिश्तेदारों या दोस्तों को रेंट देते समय रेंट एग्रीमेंट नहीं बनाते हैं। अगर इस मामले की जांच होती है और रेंट एग्रीमेंट नहीं पाया जाता है तो आपका एचआरए डिडक्शन खत्म हो सकता है। दूसरी गलती यह है कि सैलरीड लोग मकान मालिक के बैंक अकाउंट में रेंट का भुगतान नहीं करते हैं। वे इसे कैश में पेमेंट करने का दावा करते हैं। उन्हें कैश के बजाय मकान मालिक के बैंक अकाउंट में रेंट का भुगतान करना चाहिए। तीसरी गलती यह है कि वे एचआरए क्लेम करने के लिए केवल रेंट रिसीट पर ही निर्भर रहते हैं। एम्प्लॉयर के लिए तो यह ठीक है लेकिन टैक्स ऑफिसर इसके लिए और सबूत मांगते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एक्‍सपर्ट कहते हैं कि ज्‍यादातर वित्तीय लेनदेन पैन से जुड़ गए हैं। ऑटोमेटेड प्रोसेस की नई तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के साथ टैक्‍स अधिकारियों के लिए फर्जी क्‍लेम को ट्रैक करना बहुत मुश्किल नहीं है। इससे न केवल बाद में टैक्‍स भुगतान, बल्कि जुर्माने और मुकदमेबाजी का भी सामना करना पड़ सकता है। जहां किराये का भुगतान माता-पिता को किया जाता है। वहां लेनदेन की वास्तविकता को दिखाने के लिए किराये का पेमेंट चेक या इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर के जरिये किया जाना चाहिए। अपने रिटर्न में पैरेंट्स को भी रेंटल इनकम की जानकारी देनी चाहिए।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 21 September 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत में हाल में आई तेजी के बीच बांग्लादेश ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 17.4% तक की बढ़ोतरी की है। पहले से ही…
 21 September 2026
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में बेहतर भविष्य की तलाश में पहुंचे एक भारतीय की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। 11 साल पहले पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया…
 21 September 2026
नई दिल्ली: लोक गायिका और बिहार की 26 साल की विधायक मैथिली ठाकुर इस समय लग्जरी कार रोल्स रॉयस को लेकर चर्चा में हैं। हाल में वह मुंबई में लालबागचा…
 21 September 2026
नई दिल्ली: भारत में ट्रेन का देरी से चलना और गंतव्य स्थान पर देरी से पहुंचना कोई नया नहीं है। काफी ट्रेन को 8-10 घंटे या इससे भी ज्यादा समय…
 21 September 2026
नई दिल्ली: आधी रात को तो दिल्ली जैसे महानगरों में भी बस या सार्वजनिक परिवहन के साधन नहीं मिलते। छोटे शहर या कस्बे की बात तो छोड़ ही दीजिए। सोचिए…
 21 September 2026
नई दिल्ली: देश में लोग कई जरूरी कामों के लिए लोन लेते हैं। यह बैंक या वित्तीय संस्थाओं के द्वारा अलग-अलग ब्याज दरों पर दिया जाता है। इस बीच इमरजेंसी…
 20 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में जब कोई यात्रा के दौरान या बाहर पीने के पानी की बोतल मांगता है तो अक्‍सर मुंह से 'बिसलेरी' निकलता है। कभी सिर्फ अमीर विदेशी पर्यटकों…
 20 September 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। रेलवे ने अलग-अलग जोन और…
 20 September 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी सजग नजर आ रही है। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के पैसे की भागीदारी बढ़ाने के लिए…
Advt.