डॉलर, युआन और दिरहम, इन विदेशी करेंसीज के सामने कहां टिकता है हमारा रुपया, देख लीजिए ये एक्सचेंज रेट लिस्ट

Updated on 21-07-2023 04:04 PM
नई दिल्ली: दुनिया के सभी देशों की अपनी-अपनी मुद्रा यानी करेंसी (Currency) होती है। हर देश के अंदर उसी की करेंसी में कारोबार होता है। जैसे हमारी करेंसी है रुपया। किस देश की करेंसी मजबूत है और किस मुल्क की कमजोर है इसका पता एक्सचेंज रेट (Exchange Rate) से लगता है। दरअसल कोई करेंसी किसी दूसरे देश की मुद्रा की तुलना में कितनी कमजोर या मजबूत है इसका पता एक्सचेंज रेट से लग जाता है। उदाहरण के लिए अगर हम रुपये और यूएस डॉलर को देखें तो इस समय रुपये के लिए डॉलर का एक्सचेंज रेट 82.95 है। बता दें कि साल 1990 से पहले आरबीआई द्वारा एक्सचेंज रेट तय होती थी। उस समय भारत में एक फिक्स्ड एक्सचेंज रेट होती थी। लेकिन इसके कई नुकसान भी थे। इसलिए भारत में बाद में फ्लोटिंग एक्सचेंज रेट लागू हुई।

यहां देखिए रुपये के एक्सचेंज रेट
वित्त मंत्रालय की ओर से भारतीय रुपये के बराबर विदेशी करेंसी की एक इकाई की एक्सचेंज रेट लिस्ट जारी की है। यह आयात माल और निर्यात माल के लिए अलग-अलग है। आंकड़ों के मुताबिक, आयात माल के लिए रुपये के लिए ऑस्ट्रेलियन डॉलर की एक्सचेंज रेट 57.35 है, यानी एक ऑस्ट्रेलियन डॉलर के लिए 57.35 रुपये देने होंगे। इसी तरह बहरीन दीनार की एक्सचेंज रेट 224.55, कैनेडियन डॉलर की 63.50, चाइनीज युआन की 11.60, यूरो की 93.75 और कतरी रियाल की 23.25 है।

हांगकांग डॉलर के लिए देने होंगे कितने रुपये

भारतीय रुपये के लिए अमेरिकी डॉलर की एक्सचेंज रेट आयात सामान में 82.95 है। इसी तरह हांगकांग डॉलर की 10.70, यूएई दिरहम की 23.05, तुर्की लीरा की 3.15, स्विस फ्रैंक की 97.70, स्वीडिश क्रोनर की 8.15, साउथ अफ्रीकी रैंड की 4.75 और सिंगापुर डॉलर की 63.10 है।

जानिए कैसे तय होती है एक्सचेंज रेट


एक्सचेंज रेट कई फैक्टर्स पर डिपेंड करती है। महंगाई, ब्याज दर, कैपिटल इनफ्लो, लिक्विडिटी और चालू खाता खाता भी एक्सचेंज रेट को प्रभावित करता है। इसमें सबसे बड़ा फैक्टर डिमांड एंड सप्लाई है। जैसे-जैसे मांग बढ़ती है वैल्यू बढ़ती जाती है और मांग घटने के साथ ही वैल्यू कम हो जाती है। वैश्विक बाजार में जब डॉलर की डिमांड बढ़ती है, तो यह महंगा हो जाता है। इसे ही फ्लोटिंग एक्सचेंज रेट (Floating Exchange Rate) कहते हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 September 2026
नई दिल्ली: देश में पैसों की बचत और इनके निवेश के कई सारे विकल्प हैं। इनमें से एक है म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना। मार्केट एक्सपर्ट शेयर बाजार में निवेश…
 14 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 10 सितंबर को फूड रेगुलेटर FSSAI को आदेश दिया था कि वह 10 दिनों के भीतर अपने प्रस्तावित 'फ्रंट-ऑफ-पैक' चेतावनी लेबल को लागू करने के…
 14 September 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कंपनी ने कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द…
 14 September 2026
नई दिल्ली: भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर रूस ने एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूसी रोलिंग स्टॉक निर्माता ट्रांसमैशहोल्डिंग (TMH) ने भारत में अपनी Ivolga FG हाई-स्पीड ट्रेन…
 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
Advt.