
खनिज साधन विभाग द्वारा तय किया गया है कि वर्ष 2023 में जिन रेत खदानों के ठेके खत्म हो रहे हैं, उन जिलों में रेत खदानों की नीलामी अभी से शुरू की जाए ताकि समय पर रेत खदानें नीलाम हों और सरकार का राजस्व तय हो सके। इसके साथ ही जिलों में मौजूद खनिज संपदा का पता लगाने के लिए खनिज विभाग के अफसरों की टीम के साथ निजी एजेंसियों की भी मदद लेने के लिए कहा गया है और इसके लिए मई 2023 तक सकारात्मक परिणाम लाने को कहा गया है।
प्रदेश के कई जिलों में बाक्साइट, सोना, लौह अयस्क समेत अन्य खनिज की तलाश पिछले सालों में तेज हुई है और इसके अच्छे रिजल्ट सामने आए हैं। इसलिए सरकार इसको लेकर गंभीर है। सूत्रों के अनुसार खनिज विभाग के कामों की समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आई है कि डीएमएफ के काम पूरे कराने को लेकर तेजी लाने की जरूरत है।
इसलिए इसको लेकर जो व्यवस्था बनी है, उसके अनुसार एक करोड़ रुपए से कम के काम जो डीएमएफ ए कैटेगरी में आते हैं, उसे स्थानीय स्तर पर प्रभारी मंत्री से मंजूरी लेकर कराया जाना है और एक करोड़ रुपए से अधिक के काम जो डीएमएफ बी कैटेगरी में आते हैं, उसके लिए राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनी कमेटी के पास एप्रूव कराने के लिए भेजा जाना है।