सूख गया रूस की टंकी का डिस्काउंट तो भारत को याद आया इराक का 'पानी'

Updated on 18-07-2023 05:34 PM
नई दिल्ली: भारत को रूस से भारी डिस्काउंट पर कच्चा तेल मिल रहा था। एक समय यह छूट 25 से 30 डॉलर तक थी। रूस से रोजाना 20 लाख बैरल कच्चा तेल आ रहा है। भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 40 परसेंट पहुंच गई है जो यूक्रेन युद्ध से पहले महज एक परसेंट थी। लेकिन हाल के दिनों में रूस के तेल पर मिल रहा डिस्काउंट मात्र चार डॉलर रह गया है। इस तरह इसमें 87 फीसदी गिरावट आई है। डिस्काउंट के साथ-साथ रूस को पेमेंट में भी दिक्कत आ रही है। रूस रुपये में पेमेंट नहीं ले रहा है और हाल में भारत को उसे चीन की करेंसी युआन में भुगतान करना पड़ा है। ऐसे में देश की रिफाइनिंग कंपनियों ने अपने पुराने सप्लायर्स से बात करना शुरू कर दिया है। वे खासकर इराक से खरीद बढ़ाने की तैयारी में है। यूक्रेन युद्ध से पहले भारत में सबसे ज्यादा कच्चा तेल इराक से ही आता था।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत की सरकारी रिफाइनिंग कंपनियां पश्चिम एशियाई देशों खासकर इराक से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाने की तैयारी में हैं। जी-7 देशों ने रूसी तेल के लिए 60 डॉलर प्रति बैरल का कैप लगाया है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि अगर रूस जी-7 के प्राइस कैप से ज्यादा वसूलता है तो सरकारी तेल कंपनियां उससे तेल नहीं खरीदेंगी। भारत ने इराक से बेहतर पेमेंट टर्म्स पर विचार करने को कहा है। मसलन क्रेडिट पीरियड को 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन करने की अपील की गई है। अधिकारी ने कहा कि इराक ने हमेशा भारत का सपोर्ट किया है और वह एक अच्छा ट्रेड पार्टनर है। वह पहले भी भारत को अच्छा डिस्काउंट दे चुका है।

रूस से आयात

भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 40 परसेंट पहुंच गई है जो यूक्रेन युद्ध से पहले महज एक परसेंट थी। पश्चिमी देशों ने रूस पर पाबंदी लगाई तो उसने सस्ते में तेल बेचना शुरू कर दिया। भारतीय रिफाइनर्स ने इस मौके को हाथोंहाथ लिया। लेकिन अब यह डिस्काउंट सिकुड़कर चार डॉलर रह गया है। साथ ही रूस तेल के ट्रांसपोर्टेशन के लिए 11 से 19 डॉलर प्रति बैरल की कीमत वसूल रहा है। यह बाल्टिक और काला सागर से पश्चिमी तट तक डिलिवरी के लिए सामान्य शुल्क का दोगुना है। अधिकारी ने कहा कि आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने अब तक 60 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कोई खरीद नहीं की है। इस हफ्ते पहली बार रूसी तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गई।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में पिछले एक साल से अधिक समय से बदलाव नहीं हुआ है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमत 139 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी। अब यह 78 डॉलर के आसपास रह गई है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। देश में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आखिरी बार पिछले साल अप्रैल में पेट्रोल-डीजल की कीमत में बदलाव किया था। मई में केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की थी। उसके बाद से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 September 2026
नई दिल्ली: देश में पैसों की बचत और इनके निवेश के कई सारे विकल्प हैं। इनमें से एक है म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना। मार्केट एक्सपर्ट शेयर बाजार में निवेश…
 14 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 10 सितंबर को फूड रेगुलेटर FSSAI को आदेश दिया था कि वह 10 दिनों के भीतर अपने प्रस्तावित 'फ्रंट-ऑफ-पैक' चेतावनी लेबल को लागू करने के…
 14 September 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कंपनी ने कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द…
 14 September 2026
नई दिल्ली: भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर रूस ने एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूसी रोलिंग स्टॉक निर्माता ट्रांसमैशहोल्डिंग (TMH) ने भारत में अपनी Ivolga FG हाई-स्पीड ट्रेन…
 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
Advt.