संजय सक्सेना
भोपाल। क्या कांग्रेस व्यापम कांड भूल गई है, या फिर व्यापम को लेकर भाजपा सरकार से समझौता हो गया है। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने जिस तरह से व्यापम के आरोपी रहे भोपाल के विख्यात और कुख्यात भी, अस्पताल चिरायु के सर्वे सर्वा डॉक्टर अजय गोयनका की तारीफ में कशीदे कढ़े, उससे तो ऐसा ही लगता है। जो चिरायु कोविड के दौरान मौत का सौदागर कहा जाने लगा था, जहां मारने के बाद भी जबरन पैसा वसूली की चर्चाएं चलीं, उस अस्पताल और संचालक की तारीफ की गई। कोविद के दौरान चिरायु को लेकर विपक्ष ने भी आरोप लगाए थे, वो सब भुला दिए गए?
पहले पीसीसी में हुए कार्यक्रम की बात करते हैं। कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के कार्यक्रम को संबोधित किया। कमलनाथ ने बताया कि कोरोना के संकट के समय शिवराज सिंह चौहान ने उनको कॉल करके मदद मांगी थी और उन्होंने प्रदेश के लिए ऑक्सीजन के टैंकर मंगवाए थे। शिवराज के खास माने जाने वाले चिरायु अस्पताल के एमडी डॉ. अजय गोयनका ने भी कमनाथ की कार्यक्रम में तारीफ की।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कोविड के समय मेरा विधानसभा में मजाक उड़ाया गया था। जब मैंने कहा था कि कोरोना सामने है। मैं इंटरनेशनल अखबार और जर्नल पढ़ता था। उसमें कोविड की भयंकर समस्या सामने आने के बारे में बताया गया। जब मैंने कहा कि कोविड की तैयारी करनी है तो कहा गया कि कोरोना नहीं यह तो कमलनाथ का डरोना है। मैं जानता था कि क्या होने वाला था।
कमलनाथ ने कहा कि मैं मार्च अप्रैल 2020 को छिंदवाड़ा में था। हमने सरकारी डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ मीटिंग की। कोविड शुरू हुआ था मैंने पूछा कि आपको किसी चीज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। और एक इंजेक्शन का नाम लिया रेमडेसिवर नाम लिया। मैंने कहा कि इसको बनाता कौन है। उन्होंने बताया कि सन फॉर्मा बनाता है। मैंने सन फॉर्मा के चेयरमैन को फोन किया। हमने छिंदवाड़ा में ऑक्सीजन और इंजेक्शन की कमी नहीं होने दी।
उन्होंने कहा कि जब टैंकर्स की कमी आई तो मुझे मुख्यमंत्री शिवराज जी ने फोन किया कि ऑक्सीजन की बहुत कमी हो रही है। टैंकर नहीं मिल रहे। मैंने पूछा टैंकर बनाता कौन है? उन्होंने मैं अपने प्रिंसिपल सेक्रेटरी से कहता हूं वो आपसे बात करेंगे। उनके पीएस का फोन आया। बताया कि फलां कंपनी टैंकर बनाती हैं। मैने स्टाफ से चेक कराकर उस कंपनी के चेयरमैन को फोन किया। उन्होंने ऐसे बात करनी शुरू कि जैसे मेरे दोस्त हो। मैंने उनसे कहा कि हमें टैंकर्स चाहिए। उन्होंने कहा कि टैंकर तो सारे अलॉट हो गए हैं। मैंने कहा अभी आज ही डायवर्ट करिए। तब टैंकर मध्य प्रदेश पहुंचे और राहत मिली। डॉ. अजय गोयनका ने कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व में ही कोरोना का इलाज का काम शुरू किया गया था। उन्होंने कमलनाथ के उस दिन के विजन को धन्यवाद भी दिया।
व्यापम को लेकर तो हमलावर रही कांग्रेस
अब पहले व्यापम का मुद्दा लेते हैं। अजय गोय नका इसके प्रमुख आरोपियों में शामिल थे। और जेल भी गए थे। कांग्रेस ने पूर्व में व्यापम को बड़ा मुद्दा बनाया था, ये बात और है कि डेढ़ साल सरकार में रहे कमलनाथ ने व्यापम के लिए कोई एसटीएफ नहीं बनाई। कमलनाथ ने ये भी ऐलान किया था कि सरकार बनी तो व्यापम की जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाया जाएगा। सरकार बनी तो भूल गए। अब जेल जाने वालों की तारीफ कर रहे हैं।
बड़े तालाब के डूब क्षेत्र में बना चिरायु मेडिकल कॉलेज
एक मामला और है चिरायु का। एक अस्पताल तो पुराने भोपाल में है। चिरायु नाम से मेडिकल कॉलेज और बड़ा अस्पताल जो बनाया गया है, वो ऐतिहासिक बड़े तालाब की डूब में बनाया गया है। ये मामला एनजीटी में चला, लेकिन आश्चर्य जनक रूप से उसे क्लीन चिट दे दी गई। हालांकि इसके बाद एनजीटी की भोपाल पीठ को हटा दिया गया। और तो और जब भी तेज बारिश होती है, अस्पताल में पानी भरता है, पर इसे न केवल नजर अंदाज कर दिया जाता है अपितु उसे बचाने के लिए भदभदा के गेट तालाब के पूरा भरने से पहले ही खोल दिए जाते हैं।