देसी में है दम... तभी तो यह शख्स कर रहा करोड़ों रुपये की कमाई, जानें क्या है काम

Updated on 09-08-2025 02:15 PM
नई दिल्ली: कौन कहता है कि देसी चीजों में दम नहीं है? एक बार आप उसे करिए तो सही, पैसा आना अपने आप शुरू हो जाता है। ऐसा ही कुछ किया है कोयंबटूर के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विकास कुमार ने। विकास कुमार केमिकल फ्री स्विमिंग पूल बनाते हैं। इसके जरिए वह आज करोड़ों रुपये की कमाई कर रहे हैं।

विकास कुमार अपने छोटे बेटे के लिए केमिकल-फ्री स्विमिंग पूल खोज रहे थे। उन्होंने देखा कि शहर के ज्यादातर पूल में क्लोरीन होता है। क्लोरीन त्वचा, बालों और फेफड़ों के लिए हानिकारक होता है। विकास को अपने बचपन के गांव के नेचुरल तालाबों से प्रेरणा मिली। उन्होंने बिना सीमेंट और केमिकल के नेचुरल चीजों से स्विमिंग पूल बनाने का फैसला किया।

कैसे लिया फैसला?

विकास ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैं नहीं चाहता था कि मेरा बेटा हर बार तैरने के बाद चश्मा पहने, उसकी आंखें लाल हों और उसमें से ब्लीच की गंध आए।' इसलिए विकास ने साधारण पूल से अलग कुछ करने का सोचा। उन्होंने तमिलनाडु के पोल्लाची में अपने फार्महाउस पर बिना सीमेंट, क्लोरीन या सिंथेटिक चीजों का इस्तेमाल किए नेचुरल, सेल्फ-क्लीनिंग स्विमिंग तालाब बनाया।
विकास ने अपने बेटे की इच्छा को पूरा करने के लिए एक शुरुआत की थी। धीरे-धीरे यह एक बिजनेस बन गया। विकास ने बायो स्विमिंग पूल पर कई महीने रिसर्च की। यह इको-फ्रेंडली मॉडल यूरोप में बहुत फेमस है। यह नेचुरल वाटर बॉडी की तरह होता है। उन्हें पता चला कि साल 2030 तक ग्लोबल बायो पूल मार्केट लगभग 4 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। तभी उन्हें लगा कि यह सिर्फ एक शौक नहीं है, बल्कि एक बिजनेस भी हो सकता है।

कंपनी बनाकर शुरू किया काम

सीए होने के बावजूद विकास को रिस्क पता थे। लेकिन उन्हें पर्यावरण और आर्थिक दोनों तरह से यह सही लगा। उन्होंने बायोस्फीयर नाम से एक कंपनी शुरू की। यह कंपनी इंडियन क्लाइमेट, मटेरियल और लाइफस्टाइल के हिसाब से बायो स्विमिंग पूल डिजाइन और बनाती है।
उनके पूल पूरी तरह से नेचुरल और लोकल मटेरियल से बने होते हैं। एक कम एनर्जी वाला पंप हर समय चलता रहता है। यह पानी को बजरी, जलीय पौधों और फायदेमंद बैक्टीरिया की परतों से होकर गुजारता है।

ये बैक्टीरिया और पौधे नेचुरल फिल्टर की तरह काम करते हैं। वे पानी से गंदगी निकालते हैं और उसे बैलेंस रखते हैं। इसके लिए किसी भी तरह के केमिकल या हर साल पानी बदलने की जरूरत नहीं होती है।

कितनी हो रही कमाई?

आज बायोस्फीयर सिर्फ एक आदमी की कंपनी नहीं है। यह एक बढ़ता हुआ बिजनेस है। यह पूरे भारत में इको-फ्रेंडली घर मालिकों, रिसॉर्ट और फार्महाउस को सर्विस देता है। एक नेचुरल स्विमिंग तालाब बनाने में लगभग 45 दिन लगते हैं। इसे कस्टमाइज भी किया जा सकता है। इसमें कोई तालाब, झरने और नेचुरल स्ट्रीम भी बनाए जा सकते हैं।

इन पूल को ज्यादा मेंटेनेंस की जरूरत नहीं होती है। इनमें कंक्रीट या प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं होता है। ये लोकल बायोडायवर्सिटी को सपोर्ट करते हैं। उनका बिजनेस अब हर साल 3 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाता है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 September 2026
नई दिल्ली: देश में पैसों की बचत और इनके निवेश के कई सारे विकल्प हैं। इनमें से एक है म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना। मार्केट एक्सपर्ट शेयर बाजार में निवेश…
 14 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 10 सितंबर को फूड रेगुलेटर FSSAI को आदेश दिया था कि वह 10 दिनों के भीतर अपने प्रस्तावित 'फ्रंट-ऑफ-पैक' चेतावनी लेबल को लागू करने के…
 14 September 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कंपनी ने कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द…
 14 September 2026
नई दिल्ली: भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर रूस ने एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूसी रोलिंग स्टॉक निर्माता ट्रांसमैशहोल्डिंग (TMH) ने भारत में अपनी Ivolga FG हाई-स्पीड ट्रेन…
 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
Advt.