
मध्यप्रदेश में ठंड ने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया में घना कोहरा रहने का पूर्वानुमान जताया है। दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कोहरा रह सकता है।
मध्यप्रदेश में 48 घंटे में ठंडक बढ़ गई है। इस सीजन पहली बार प्रदेश में रात का पारा 4 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ गया। सबसे ठंडा नौगांव (छतरपुर) रहा। यहां सोमवार रात का पारा 3.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। दतिया में घना कोहरा होने से विजिबिलिटी 200 मीटर तक रह गई। यहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
हिमालय में बर्फबारी और उत्तरी हवाएं चलने से प्रदेश में दिन और रात के तापमान नीचे आ गया है। बुधवार से तीन दिन बाद तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। 30 दिसंबर के आसपास बादल छा सकते हैं। बादल छाने से तापमान बढ़ेगा। 31 दिसंबर को ठंड में कुछ कमी आ सकती है।
पश्चिमी हवाओं ने बढ़ाई ठंडक ... अगले 48 घंटे तक ऐसा ही मौसम
प्रदेश में शनिवार शाम से उत्तरी हवाएं आना शुरू हो गई थीं। इससे मध्यप्रदेश में दिन और रात का तापमान लुढ़क गया। पाकिस्तान से आने वाली हवाओं के कारण हिमालय में बर्फबारी हुई है। उत्तरी हवाएं चलने लगीं। इस कारण प्ररेश में इस सीजन ठंड ने पहली बार जोर पकड़ा है। अगले 48 घंटे तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। इसके बाद मौसम में बदलाव होगा। तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। 29 से लेकर 31 दिसंबर तक तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। बादल तो छाएंगे, लेकिन बारिश की संभावना बहुत ज्यादा नहीं है।
1 जनवरी से फिर गिरेगा पारा
29 दिसंबर को सक्रिय सिस्टम का असर 31 दिसंबर तक रहेगा। इसके बाद 1 जनवरी से दिन और रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। इससे प्रदेश भर में ठंड अपना जोर दिखाने लगेगी। अब तक बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग सिस्टम नहीं बनने के कारण ठंड का असर कम रहा है। आने वाले समय में नए सिस्टम बनने की संभावना बनने लगी है।कहां-कैसे रहेगा तापमान
अगले एक सप्ताह के दौरान ग्वालियर, सागर और जबलपुर और उसके आसपास के जिलों में न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन और इसके आसपास के जिलों में रात का पारा 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। अधिकतम यानी दिन का पारा इन इलाकों में 22 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।10 साल में सबसे गर्म दिसंबर
भले ही अब ठंड ने जोर पकड़ लिया हो, लेकिन मध्यप्रदेश में 10 साल में पहली बार ऐसा रहा जब दिसंबर में सर्दी ज्यादा नहीं रही। यानी ठंड लेट आई। लोगों को इस बार दिसंबर के शुरुआती दिनों में भी पंखे का सहारा लेना पड़ा। बीच में साइक्लोन मैंडूस के कारण सिर्फ दो दिन ही लोगों को दिन में सर्दी का अहसास हुआ, लेकिन रात को ठंड नहीं रही। प्रदेश के चार प्रमुख शहरों के दस साल के न्यूनतम तापमान पर नजर डालें, तो दिसंबर 2022 सबसे गर्म रहा। चारों प्रमुख शहरों में रात का पारा सबसे ज्यादा रहा। भोपाल और इंदौर में यह सबसे ज्यादा रहा। अब तक सबसे ज्यादा ठंड वाले जबलपुर-ग्वालियर में भी लोगों को ठंड इस बार कंपकंपा नहीं पाई।