सिगनल, ट्रैक इन्फ्रास्ट्रक्चर और फेंसिंग की दिक्कतों के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को पूरी स्पीड से नहीं चलाया जा सकता है। वैष्णव ने कहा कि रेलवे में सेफ्टी को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। उन्होंने बताया कि पटरियों की निगरानी, मेंटनेंस और मरम्मत के लिए एक व्यापक व्यवस्था बनाई गई है। इसमें मॉडर्न ट्रैक स्ट्रक्चर का इस्तेमाल, ट्रैक्स की नियमित निगरानी, गड़बडियों का पता लगाने के लिए अल्ट्रासॉनिक डिटेक्शन टेस्ट और मैकेनाइज्ड ट्रैक मेंटनेंस शामिल है। उन्होंने कहा कि 110 से 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में फेंसिंग अनिवार्य है जबकि इससे अधिक रफ्तार के लिए पूरे ट्रैक की फेंसिंग मिनिमम स्टैंडर्ड है।