
कुसल मेंडिस और सदीरा समाराविक्रमा के शतकों के दम पर श्रीलंका ने जब पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा टोटल (344/9) खड़ा किया तो जीत श्रीलंका के पाले में जाती दिखी।
अभी तक विश्व कप में श्रीलंका की टीम पाकिस्तान से सात बार टकराई थी लेकिन उसे पहली जीत का अभी भी इंतजार था और जब उसने आठवें ओवर में ही 37 रन पर बाबर आजम समेत दो कीमती विकेट निकाल लिए तो उसकी पहली जीत का इंतजार खत्म होता साफ नजर आया।
अब्दुल्ला शफीक (113 रन, 103 बॉल, 10 फोर, 3 सिक्स) और मोहम्मद रिजवान (131 रन, 121 बॉल, 8 फोर, 3 सिक्स) ने एक ऐसी यादगार पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। शफीक ने 103 गेंद पर 113 रन की पारी खेल कर मुकाबले में पाकिस्तान की वापसी कराई और रिजवान ने क्रैंप के बावजूद क्रीज पर पांव जमाकर पाकिस्तान की लगातार दो मैच में दूसरी जीत पक्की की। एक समय असंभव से नजर आ रहे लक्ष्य को पाकिस्तानी टीम ने चार विकेट खोकर 10 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
मैच में हार के बाद टीम के युवा तेज गेंदबाज पथिराना बुरी तरह निरश नजर आए। उन्होंने मैच के कई गेंदें दिशाहीन डालीं और उनपर वाइड और बाउंड्री से टीम को नुकसान हुआ। शायद उन्हें इस बात का इल्म था।
इससे पहले, मेंडिस ने 77 गेंद में 122 रन की पारी खेली जो वर्ल्ड कप के इतिहास में श्रीलंका की ओर से सबसे तेज शतक रहा। समाराविक्रमा ने अपने पहले वनडे शतक के दौरान 89 गेंद में 108 रन की पारी खेलकर श्रीलंका को विश्व कप में उसके सर्वोच्च स्कोर तक पहुंचाया।
बड़ा स्कोर बनाने के बाद इस तरह से हारना किसी भी कप्तान के लिए बड़ा झटका है। हसरंगा सहित कई बड़े खिलाड़ियों के बिना मैदान पर उतरी श्रीलंका की यह लगातार दूसरी हार है।