कच्चे तेल की किल्लत ने बढ़ाई FMCG, फुटवियर इंडस्ट्री की मुश्किल, इनपुट कॉस्ट बढ़ गया

Updated on 17-03-2026 01:17 PM
कोच्चि: ईरान-इजरायल युद्ध (Iran Israel War) की आग में सिर्फ रसोई गैस (LPG) की ही सप्लाई प्रभावित नहीं हुई है। अब तो इसकी तपिश देश की एफएमसीजी इंडस्ट्री (FMCG Industry) से लेकर जूते-चप्पल बनाने वाली कंपनियां भी महसूस करने लगी हैं। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे निर्माताओं (Small Manufacturers) पर पड़ा है। उनके पास अब अपने प्रोडक्ट का दाम दाम बढ़ाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।

सप्लई चेन में दिक्कत

हमारे सहयोगी ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय केरल में कई प्लास्टिक प्रसंस्करण यूनिट्स (Plastic Processing Units) के लिए रॉ मैटेरियल लेना मुश्किल हो गया है। दरअसल, क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से प्लास्टिक दाना महंगा हो गया है। छोटे कारोबारियों के लिए कच्चे माल का दाम बढ़ना भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए, बढ़ती लागत और पूंजी की कमी के बीच इन छोटे मैन्यूफैक्चरर्स ने प्रोडक्शन ही रोक दिया है। इस वजह से सप्लाई चेन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।

1,000 से ज्यादा यूनिट पर संकट

केरल प्लास्टिक मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (KPMA) के महासचिव ने बताया "इस समय कम से कम 20-25% प्लास्टिक प्रोसेसिंग यूनिट्स पूंजी की कमी के कारण काम नहीं कर रही हैं।" उन्होंने बताया कि केरल में 1,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार की प्लास्टिक प्रोसेसिंग यूनिट्स हैं। इन यूनिट्स में ढेरों तरह के प्लास्टिक के सामान बनते हैं। इनमें FMCG कंपनियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बोतलों से लेकर जूते-चप्पल के सोल और पैकेजिंग मैटेरियल तक शामिल हैं।

दाम में 50% की बढ़ोतरी

इस समय कुछ प्लास्टिक प्रोसेसिंग यूनिट्स चल रही हैं। लेकिन रॉ मैटिरियल की बढ़ती लागत से निपटने के लिए इन यूनिट्स ने प्रोडक्ट्स की कीमतों में लगभग 50% की बढ़ोतरी कर दी है। इसका असर उन उद्योगों पर असर पड़ा है जो प्लास्टिक कंपोनेंट्स और प्लास्टिक के पैकेजिंग मैटेरियल पर निर्भर हैं।

कितनी बढ़ी है कच्चे माल की कीमत

ईरान-इजरायल युद्ध के 15 दिन से भी ज्यादा तक चलने की वजह से स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज़ से क्रूड ऑयल की सप्लाई थम सी गई है। इससे प्लॉस्टिक इंडस्ट्री की रॉ मैटेरियल की उपलब्धता घटी। इससे जिनके पास पहले से स्टॉक हैं, उन्होंने कीमतें बढ़ा दी। इस उद्योग के प्रतिनिधियों ने बताया कि पॉलिमर निर्माताओं ने एक से 11 मार्च के बीच कीमतों में पांच बार बढ़ोतरी की है। अब तक रॉ मैटेरियल की कीमत में कुल मिलाकर लगभग 59% की वृद्धि हो चुकी है। वह बताते हैं कि चाहे फीडस्टॉक गैस-आधारित हो या नेफ्था-आधारित, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के दोनों निर्माता समान मार्जिन से कीमतें बढ़ा रहे हैं।

किन चीजों के दाम बढ़े?

प्लास्टिक इंडस्ट्री में रॉ मैटेरियल के रूप में LDPE, LLDPE, HDPE, PP, PVC और PET का उपयोग होता है। ये सामग्री बोतलें, बैग, कंटेनर और पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बनाने में व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं। तभी तो तैयार उत्पादक की कीमत भी बढ़ी है।

पैकेजिंग कॉस्ट बढ़ गया

केरल आयुर्वेदिक दवाओं के लिए भी फेमस है। केरल के आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माता के. पी. नंबूदिरी का कहना है कि पैकेजिंग लागत में तेज बढ़ोतरी हुई है। वह बताते हैं "पैकिंग सामाग्री की कीमतों में करीब 25 से 50% कस इजाफा हुआ है। दिक्कत यह है कि यह भी स्पष्ट नहीं है हो रहा है कि कीमतें कहां स्टेबल होंगी। यदि ऐसा ही जारी रहता है, तो हमारे कारोबार पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा,"

अभी तो प्रोडक्ट का दाम नहीं बढ़ाया

आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली एक अन्य कंपनी के एमडी के. भवदासन ने बताया "फिलहाल तो हम बढ़े हुए इनपुट कॉस्ट को आत्मसात कर रहे हैं, लेकिन ऐसा ऐसा बहुत दिन नहीं कर सकते।" वह बताते हैं कि हमें भी अपने प्रोडक्ट की कीमतों में 15 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी करनी होगी। सिर्फ आयुर्वेदिक दवा ही नहीं, शैंपू, तेल, टूथपेस्ट आदि बनाने वाली कंपनियां भी प्लास्टिक के पैकेजिंग मैटेरियल पर काफी हद तक निर्भर हैं।

पुराने स्टॉक से चला रहे हैं काम

जिन कारोबारियों के पास पैकेजिंग मैटेरियल का पुराना स्टॉक है, वे उसी से काम चला रहे हैं। हालांकि वे भी डरे हुए हैं। वीकेसी ग्रुप के एमडी वीकेसी रजाक कहते हैं “हमारा वर्तमान स्टॉक लगभग दो सप्ताह तक चलेगा, लेकिन उसके बाद क्या होगा?” वह बताते हैं “ दो सप्ताह बाद हमारे पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।”

जूते-चप्पल निर्माता भी परेशान

प्लास्टिक दाना की तंगी और दाम में बढ़ोतरी से जूते-चप्पल निर्माता भी परेशान हैं। अधिकतर जूते-चप्पल के सोल को बनाने में पॉलीएथिलीन का उपयोग होता है। एक निर्माता का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो उन्हें प्रोडक्ट्स की कीमतें 30 से 40% तक बढ़ोतरी करना पड़ सकता है। यही हाल कर्नाटक के भी छोटे कारोबारियों का है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
Advt.