मध्य प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने "अनुसूचित
जाति जनजाति वर्गों के प्रति संवेदनशीलता" विषय पर आयोजित दो दिवसीय
सेमिनार स्पर्श का शुभारंभ किया। सेमिनार को संबोधित डॉ नरोत्तम मिश्रा ने
कहा कि यह चुनावी वर्ष है अगले वर्ष इस समय मतदान होगा जो वर्ष चुनावी होता
है उसमें एससी-एसटी की घटनाएं ज़्यादा घटती है।
मिश्रा ने कहा कि 5 साल पहले चुनाव के पहले जब 2 अप्रैल की घटना घटी
पूरे प्रदेश में दंगे जैसी स्थिति हो गई थी। उससे 5 साल पहले चुनाव के
पहले नारा दिया कि हम संविधान बदल देंगे, उससे 5 साल पहले नारा दिया कि हम
आरक्षण खत्म कर देंगे हरिजन एक्ट खत्म कर देंगे।
गृहमंत्री ने कहा कि यह उत्तेजना के विषय होते है, उत्तेजना जैसे नारे
सामने आते है। उस वक्त कुछ जातिवादी नेता नारेबाजी करवाते है नारे उत्तेजित
कर देते है उत्तेजना दोनों वर्ग में आती है चाहे वह हैंडपंप के पानी को
लेकर हो फिर वह झगड़े में बदल जाती है।
गृह मंत्री ने कहा कि डीजीपी बता रहे थे कि हॉटस्पॉट चिन्हित किये है वहां
सख्त नजर रखी जाए ऐसे क्षेत्रों में हमारे सोशल मीडिया नेटवर्क भी एक्टिव
हो जानकारी मिले की कौन भटका रहा है। तुरंत सोशल मीडिया पर उन घटना के सही
पहलु की जानकारी पोस्ट करें ताकि लोगों को कोई भ्रमित न कर पाए। भ्रम
फैलाकर सामाजिक वातावरण को विषाक्त करने वालों से समाज को सजग करें।
गृह मंत्री ने कहा कि छोटे स्तर पर होने वाले चुनाव में गांव बस्तियों में
बंट गए ,बस्तियां मोहल्ले में बदल गई पहले गांव में शादी हो या गमी सब
मिलकर काम करते थे अब वसुदेव कुटुंबकम का भाव बदलता जा रहा है। समाप्त हो
रही वसुदेव कुटुंबकम की भावना को पुनः वापस कायम करने के लिए ग्रामीण स्तर
पर खेलो के आयोजन हो जिसमे सभी जाती वर्ग के लोग मिलकर शामिल हो जिससे
समाज मे समरस्ता का माहौल पैदा होगा, खेल भावना से समाज जोड़ सकते है।
वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा को मजबूत करने का कार्य करें।
गृह मंत्री ने समाज में मोबाइल के बढ़ते दुरूपयोग पर भी चिंता जताई और कहा
कि जिन माध्यमों का उपयोग वातावरण को विषाक्त करने में किया जा रहा हो उसी
का प्रयोग समाज को जागरूक करने के लिए करें। सामाजिक समरसता हमारी सर्वोच्च
प्राथमिकता हो। कोरोना में पुलिस ने जो काम किया जितना साधुबाद दिया जाए
कम है, कोरोना में हमारी पुलिस ने जो कार्य किया उसने पुलिस की छवि बदल कर
रख दी जब सब बंद था तब हमारा जवान सड़क पर खड़ा था।
बता दें भोपाल के पुलिस ऑफिसर्स मेस में स्पर्श सेमिनार दो दिन तक
चलेगा.. सेमिनार में सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर एवं पिछड़े वर्गो के
उत्थान एवं सामान्य वर्ग के साथ समानता लाने पर दो दिन चर्चा होगी। उद्घाटन
सत्र में गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, डीजीपी सुधीर सक्सेना, एडीजी
अजाक राजेश गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रहे।