
बता दें कि नौ मार्च 2024 को वर्तमान वित्तीय वर्ष की आखिरी लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इसमें अधिकारियों को अनुमान था, कि अधिक से अधिक उपभोक्ता अपने बकाया संपत्ति, जल व ठोस अपशिष्ठ प्रभार समेत अन्य करों का भुगतान करेंगे। इसके लिए निगम अधिकारियों ने करीब 21 करोड़ 60 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य भी रखा था। लेकिन शनिवार को केवल 10 करोड़ 76 लाख रुपये की वसूली ही हो सकी। हालांकि यह बीते 24 फरवरी को अायोजित लोक अदालत में हुई वसूली से दो करोड़ 75 लाख रुपये अधिक है।