जयपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर हुआ विवाद, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

Updated on 24-09-2025 03:16 PM
जयपुर: जयपुर शहर के प्रताप नगर में एक बार फिर कथित रूप से धर्मांतरण का मामला सामने आया है। तीन दिन में यह दूसरा मामला है जब कुछ लोगों पर जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप लगे हैं। मंगलवार दोपहर को बजरंग दल के कार्यकर्ता एक मकान के बाहर एकत्रित हुए। बाद में एक साथ मकान में घुसे और हंगामा करने लगे। मकान में मौजूद लोगों पर धर्मांतरण का आरोप लगाया। लोगों का आरोप है कि बीमारियों के इलाज के बहाने लोगों को भ्रमित करते धर्म परिवर्तन कराया जाता है। सूचना मिलने पर प्रताप नगर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लगाए ये आरोप

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रताप नगर में हिंदुस्तान बाइबिल इंस्टीट्यूट में लोगों को बहला फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। यहां पर बाहरी लोग आकर स्थानीय गरीब परिवारों के लोगों का धर्म परिवर्तन करते हैं। एक व्यक्ति चेन्नई से यहां आया हुआ बताया और दूसरा बांसवाड़ा के बागीदौरा से। इन दोनों लोगों पर स्थानीय लोगों को बहकाने के आरोप लगाए गए हैं। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि चेन्नई का व्यक्ति कोई काम धंधा ही नहीं करता है तो वह यहां क्या कर रहा है। स्थानीय लोगों को घर में बुलाकर धर्म प्रचार क्यों कर रहे हैं।

पीयूसीएल सहित कुछ संगठनों ने की निंदा

पीयूसीएल सहित कुछ नागरिक संगठनों ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के हंगामे की निंदा की है। संगठन की राष्ट्रीय महासचिव कविता श्रीवास्तव का कहना है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जबरन घर में घुसकर गुंडागर्दी की। चेन्नई से आए एक व्यक्ति और बागीदौरा से आए व्यक्ति के साथ हाथापाई के आरोप भी लगाए गए। इन संगठनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस भी हमलावरों की हां में हां मिला रही है और मकान में रहने वाले लोगों को थाने पर ले गई। उनके दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए हैं। दो दिन पहले रविवार 21 सितंबर को भी इसी तरह की घटना प्रताप नगर में हुई थी।

ईसाई चर्च नेताओं को दिया जाता है प्रशिक्षण

पीयूसीएल सहित अन्य नागरिक संगठनों का कहना है कि हिंदुस्तान बाइबिल इंस्टीट्यूट चेन्नई में पिछले 73 वर्षों से संचालित है। अन्य राज्यों में भी उनके सेंटर हैं। जयपुर के इस सेंटर में इंस्टीट्यूट की ओर से पास्टर्स और ईसाई चर्च नेताओं को प्रशिक्षित किया जाता है। इन संगठनों ने धर्म परिवर्तन के आरोपों को निराधार बताया है। कविता श्रीवास्तव का कहना है कि जिन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए। पकड़े गए दोनों व्यक्ति जयपुर से बाहर के हैं और भयभीत हैं। राजस्थान में धर्मांतरण निरोधक बिल पेश होने के बाद हमले की 9 घटनाएं हो चुकी है जिनमें दो डूंगरपुर में, दो जयपुर के प्रताप नगर में, दो बहरोड़ कोटपूतली में और एक घटना अलवर में हो चुकी है। ये निंदनीय है।

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