
जबलपुर। दमोहनाका फ्लाईओवर विस्तारीकरण का काम शुरू हो गया है लेकिन सुनियोजित तरीके से कार्य नहीं होने की वजह से आम लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। सड़क के दोनों तरफ निर्माण एजेंसी ने घेराबंदी कर दी है लेकिन आम रास्ते की सुविधा नहीं दी है। बिना सर्विस रोड का निर्माण किए ही कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्षा की वजह से कच्ची सड़क पर कीचड़ और दलदली सतह हो गई है जिसके कारण वाहन निकल नहीं पा रहे हैं।
दमोहनाका फ्लाईओवर विस्तारीकरण का कार्य करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। कार्य के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 79 करोड़ मंजूर हुए थे लेकिन लागत बढ़ गई। अब निर्माण एजेंसी पिछले तीन माह से निर्माण से जुड़े कार्य में जुटी हुई है। सड़कों से बिजली के पोल और लाइनों को हटा दिया गया है अब पाइल खड़े करने के लिए खुदाई हो रही है। इस काम के लिए सड़क के दोनों तरफ बल्लियों से दीवार बनाई गई है ताकि निर्माण स्थल पर किसी का प्रवेश न हो सके।
इस मार्ग पर अधारताल और दमोह रोड पर दोनों ओर से यातायात का भारी दवाब रहता है। बड़ी संख्या में भारी वाहन और छोटे वाहन निकलते हैं। दमोहनाका से दमोह रोड की ओर स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। एक तरफ अतिक्रमण होने की वजह से पहले से सड़क घिरी हुई है उस पर निर्माण की वजह से सड़क बंद है। बीच में जो कच्चा रास्ता है वह गड्डों से भरा है। उस पर गिट्टी कामचलाऊ डाली गई है लेकिन वाहनों के बोझ की वजह से गिट्टी मिट्टी में गुम हो गई है और वर्षा में कीचड़ बन चुका है। ऐसे में कई दो पहिया वाहनों को निकलते वक्त गिरने का खतरा बना रहता है।
अधारताल मार्ग पर भी दोनों तरफ पक्की सर्विस लेन बनानी चाहिए थी लेकिन कच्चे मार्ग से बस,कार और दो पहिया वाहन निकल रहे हैं। यहां भी दोनों तरफ से पहले ही अतिक्रमण सड़क पर बना हुआ है। इस संबंध में ईई लोक निर्माण गोपाल गुप्ता ने कहा कि निर्माण एजेंसी को पक्की सर्विस रोड बनाने के निर्देश है ताकि यातायात में किसी तरह की परेशानी न आए। इस संबंध में निर्माण कंपनी के अधिकारियों से बात कर तत्काल सड़क की मरम्मत करने को कहा जाएगा।