
भोपाल। लोकसभा चुनाव को लेकर घोषणा पत्र को लेकर कांग्रेस नेता आज राजधानी में पीसीसी दफ्तर में मीडिया से चर्चा कर रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व मप्र के प्रवक्ता चरण सिंह चपरा समेत कई बड़े नेता मौजूद हैं।
प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने देश के भविष्य के लिए अपना रोडमैप सामने रखा है। राहुल गांधी ने 4000 किलोमीटर की यात्रा करके देश की भावनाओं को समझा और उसके आधार पर न्याय पत्र तैयार किया है। यात्रा के दौरान अलग-अलग लोगों से बात की और उसके आधार पर निष्कर्ष सामने रखा है।
जब जीतू से पूछा गया कि सरकार गठन की स्थिति में प्रधानमंत्री कौन होगा, तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कोई भी बने, उसे जो सबसे अधिक पीड़ित हैं युवा, नारी, किसान, श्रमिक आदि, उनकी हिस्सेदारी में न्याय की बात करनी होगी। इन पांच न्याय के अंतर्गत 25 गारंटियां दी गई हैं। युवाओं के लिए नौकरी, पेपर लीक जैसी खामियों को दूर करना, केंद्र के रिक्त पदों पर कैलेंडर बनाकर भर्ती करना, युवाओं की आर्थिक सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टार्टअप फंड की व्यवस्था की जाएगी। हर जिले में यह फंड रहेगा।
नारी न्याय को लेकर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभाग पटेल ने कहा कि घोषणा पत्र में हमने महालक्ष्मी योजना का वादा किया है। इसमें प्रत्येक गरीब परिवार की एक महिला को वार्षिक एक लाख रुपये दिए जाएंगे। केंद्र सरकार की नौकरी में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। पंचायतों में अधिकार मैत्री के रूप में नियुक्ति की जाएगी। सावित्रीबाई फुले हास्टल कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में एक छात्रावास खोला जाएगा।
राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि संसद में विपक्ष को अपना एजेंडा रखने का मौका नहीं मिलता है। जब हमारा प्रस्ताव स्वीकार नहीं होता तो हम आसंदी के सामने आते हैं और निष्कासित कर दिया जा सकता है। इसके लिए व्यवस्था में सुधार आवश्यक है। कम से कम 100 दिन संसद चलनी चाहिए। सप्ताह में एक दिन विपक्ष को अपने विषयों पर चर्चा करने की पूर्ण स्वतंत्रता होगी। मीडिया की स्वतंत्रता की बात भी हमने की है। तीन करोड़ केस न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे लोग जज बनें, जो निष्पक्ष हों। न्यायालय में जजों की नियुक्ति होनी चाहिए आधुनिकीकरण होना चाहिए, तभी शीघ्र न्याय मिलेगा। ईडी, सीबीआइ, आयकर के ला में सुधार होना चाहिए। कांग्रेस चुनाव ना लड़ पाए, इसलिए पूरा पैसा फ्रीज कर दिया जाता है। 3560 करोड़ रुपये का नोटिस दे देते हैं जबकि राजनीतिक दलों को छूट है। जो कमी है, टैक्स ले लीजिए पर नहीं माने। हम अपील कर रहे हैं और हमारे खाते में से पैसे निकाल लिए। सरकारें आएगी जाएंगी, पर लोकतंत्र को बचाने के लिए कानून को ठीक करना पड़ेगा। उनका सरलीकरण करना होगा। 8 वर्ष से कश्मीर में चुनाव नहीं हुए हैं। वहां के लोगों को कम से कम मौका तो दो। मणिपुर के क्या हाल हैं? क्या वाकई में लोगों के साथ न्याय हो रहा है? जब तक सभी जगह न्याय नहीं होगा, तब तक भारत भारत नहीं होगा। मूलभूत परिवर्तन सोच और कानून में लाना होगा।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने हाल ही में 48 पृष्ठ का घोषणा पत्र जारी किया है। इसमें 5 न्याय और 25 गारंटी की घोषणा की गई है।