
एक ओर जहां संगठन को मजबूत करने की दिशा में बूथ, सेक्टर और मंडलम स्तर पर बैठकें की जा रही हैं तो दूसरी ओर मैदानी स्थिति का आकलन निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जा रहा है। ये एजेंसियां चुनाव के मुद्दों से लेकर संभावित प्रत्याशियों की जानकारियां जुटा रही हैं।
इसी कड़ी में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के सहयोगी रहे सुनील कानूगोलू की टीम अब मध्य प्रदेश में सक्रिय हुई है। अभी तक इनका पूरा ध्यान कर्नाटक में केंद्रित था। वहां चुनाव के मुद्दे, सरकार को घेरने की कार्ययोजना बनाने से लेकर प्रत्याशियों को लेकर पार्टी को फीडबैक दिया, जिसका लाभ भी मिला। पार्टी ने आक्रामक तरीके से सरकार के भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों को उठाया।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा का कहना है कि कर्नाटक में भाजपा की कलई खुल गई है। पार्टी का फोकस अब मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पर रहेगा। कांग्रेस अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए कोई भी कोताही नहीं बरतेगी। हमारा अभियान आक्रामक और भाजपा सरकार के चरित्र को बेनकाब करने वाला होगा। इसमें कोई दोराय नहीं है कि यहां कमल नाथ के नेतृत्व वाली स्पष्ट बहुमत की सरकार बनेगी।