जबलपुर। नागरिकों को उनके वार्ड में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंं। इसके लिए शासन की मंशानुसार शहर के सभी 79 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक खोलना प्रस्तावित किया गया। लेकिन अभी तक शहर में महज सात संजीवनी क्लीनिक ही बन पाए हैं। शेष क्लीनिक निर्माण में टेंडर की शर्तों का पेच फंस रहा है। शर्त व संजीवनी क्लीनिक के लिए भवन निर्माण के लिए चिंहित जगह को लेकर ठेकेदार निर्माण करने आगे नहीं आ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि संजीवनी क्लीनिक के लिए भवन निर्माण के लिए नगर निगम को तीन बार टेंडर निकालने पड़े। तब कहीं जाकर 43 में से 30 ठेकेदारों ने ही टेंडर लिए हैं। शेष के लिए फिर नए सिरे से टेंडर निकालने की बात कही जा रही है।
निरीक्षण और भुगतान को लेकर संशय में हैं ठेकेदार
संजीवनी क्लीनिक के भवन निर्माण के लिए नगर निगम को अधिकृत किया गया है। एक क्लीनिक भवन के निर्माण में करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम ने 40 संजीवनी क्लीनिक के भवन निर्माण के लिए अलग-अलग तीन बार टेंडर निकाले लेकिन ठेकेदार टेंडर लेने आगे ही नहीं आए। बताया जाता है कि संजीवनी क्लीनिक निर्माण के लिए जारी टेंडर की शर्तों ठेकेदारों को रास नहीं आ रही है।
शर्त आड़े आ रही है काम में
शर्त ये है कि कि भवन निर्माण के दौरान नगर निगम के आयुक्त, अपर आयुक्त से लेकर यंत्री, सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री सहित और मेडिकल, विक्टोरिया जिला अस्पताल के अनुभवी अधिकारी चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे और अभिमत देने के बाद भी ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा। लिहाजा ठेकेदार टेंडर लेने से ये सोचकर हिचक रहे कि हर स्तर पर अधिकारी अलग-अलग अभिमत देंगे। काम में व्यवधान होगा और भुगतान के लिए परेशाना होंंगे। वहीं नगर निगम प्रशासन का कहना है कि संजीवनी क्लीनिक की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। तीन बार टेंडर निकाले जा चुके हैं जरूरत पड़ी और रिकाल करेंगे। अब तक करीब 30 टेंडर आ चुके हैं शेष टेंडर प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी।
संजीवनी क्लीनिक भवन पर एक नजर
25 लाख रुपये से बनेगा संजीवनी क्लीनिक भवन। 79 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक का निर्माण किया जाएगा। 25 लाख रुपये प्रति क्लीनिक भवन निर्माण की राशि शासन ने निर्धारित की है। 7 संजीवनी क्लीनिक बनकर तैयार होने लगा संचालन। 43 का निर्माण कार्य बाकी। 40 क्लीनिक के भवन निर्माण के निकाले टेंडर, 30 के टेंडर होने का किया जा रहा दावा।
शेष के लिए टेंडर रिकाल
नगर निगम लोक निर्माण विभाग कार्यपालन यंत्री आर के गुप्ता बोले-संजीवनी क्लीनिक निर्माण को लेकर तीन बार टेंडर जारी किए जा चुके हैं। ठेकेदार स्पाट, टेंडर की शर्तों को लेकर भ्रमित है। फिर भी 30 संजीवनी क्लीनिक के टेंडर हो गए हैं, जल्द ही निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा, शेष के लिए टेंडर रिकाल किया जा रहा है।