
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भरी मीटिंग में 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया। इनमें रीवा के तहसीलदार, मऊगंज नगर पंचायत के सीएमओ और सब-इंजीनियर भी शामिल हैं। सीएम ने कहा कि जो काम करना है, उसमें देरी बर्दाश्त नहीं। सीएम ने एफआईआर दर्ज नहीं करने के मामले में सिवनी के टीआई और एसडीओपी को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम डॉ. यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन की बैठक ली। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों की समस्याओं के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं का लोगों को लाभ मिलने में देरी पर नाराजगी जताई। इस वर्चुअल बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आईजी, कमिश्नर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सिवनी और सीहोर के अफसरों पर भी भड़के सिवनी जिले में बच्चे, बच्चियों, महिलाओं के गुम होने और अपहरण के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के मामले में टीआई और एसडीओपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीहोर में नल जल योजना का पानी नल जल योजना समूह के लिए चिन्हित गांवों में से आखिरी गांव तक नहीं पहुंच रहा है। इस पर सीएम यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि- जब पानी दिए जाने का निर्णय है तो ऐसी स्थिति क्यों बन रही है।
विदिशा, टीकमगढ़ और खंडवा के अफसरों पर सख्ती