भोपाल । अमूमन गर्मी के सीजन में तपिश के लिहाज से अप्रैल और मई अहम माने जाते हैं। अप्रैल की शुरुआत से ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और उससे ऊपर दर्ज होने लगता है। अप्रैल के मध्य में मध्य प्रदेश के कई जिलों में लू चलने लगती है, लेकिन इस बार अप्रैल की शुरुआत से ही मध्य प्रदेश के अलग–अलग जिलों में बादल बने हुए हैं। साथ ही कहीं-कहीं वर्षा होने का सिलसिला भी बना हुआ है। वर्तमान में भी अलग-अलग स्थानों पर तीन मौसम प्रणालियां बनी हुई हैं।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वातावरण में नमी मौजूद रहने के कारण रविवार-सोमवार को सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कहीं-कहीं गरज–चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। उधर पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मलाजखंड में 12.9, सिवनी में दो, छिंदवाड़ा में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। भोपाल, सागर एवं मंडला में बूंदाबांदी हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ पंजाब और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। मध्य प्रदेश के मध्य में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से लेकर तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग–अलग स्थानों पर बनी इन तीन मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं के साथ लगातार नमी आ रही है। इस वजह से मध्य प्रदेश के अधिकतर शहरों में बादल बने हुए हैं। साथ ही गरज–चमक के साथ हल्की वर्षा भी हो रही है। लगातार बादल बने रहने के कारण अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी नहीं हो रही है। शुक्ला के मुताबिक रविवार-सोमवार को सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, भोपाल, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गरज–चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में अभी कहीं भी लू चलने की संभावना नहीं है।