
विदित हो कि नगर निगम ने शहर के सभी 79 वार्डों के घरों से रोजाना कचरा एकत्र करने यानी डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का ठेका एस्सल कंपनी को दिया था। मौजूदा दौर में कंपनी द्वारा द्वारा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन ठीक से न करनके कारण नगर निगम को अपने 177 कचरा वाहन लगाकर घरों से कचरा उठवाना पड़ रहा है। जबकि एस्सल करीब 190 कचरा वाहन ही उपयोग कर रहा है। जबकि अनुबंध शर्तो के अनुसार एस्सल को ही अपने समस्त मानव व मशनीरी संसाधन का उपयोग करना है। हालांकि नगर निगम का दावा है कि अपने संसाधनों का उपयोग करने के एवज में एस्सल को हर माह दिए जाने वाले करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये में कटौती की जा रही है।
वर्ष - रैंकिंग
2019 - 25वें स्थान पर
2020 - 17वें स्थान पर
2021 - 20वें स्थान पर
2022 - 22वें स्थान पर
इनका कहना है
कंपनी प्रतिनिधि को कामकाज में सुधार लाने कहा गया है। सफाई व्यवस्था न बिगड़े इसलिए नगर निगम अपने 177 कचरा वाहनों से कचरा कलेक्शन करवा रहा है इसके एवज में एस्सल को किए जाने वाले भुगतान से कटौती की जाती है। सर्वेक्षण टीम के आगमन के पूर्व व्यवस्था दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम