भारत में गड़बड़ी कर रहीं चीनी कंपनियां Oppo और Realme, ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा, सरकार ले सकती है कड़ा एक्शन
Updated on
27-05-2025 02:32 PM
नई दिल्ली: भारत में चीनी स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों ओप्पो (Oppo) और रियलमी (Realme) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। RoC (Registrar of Companies) में जमा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, इन कंपनियों के ऑडिटरों ने उनकी किताबों, काम करने के तरीकों और अधूरे रेकॉर्ड को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑडिटर की रिपोर्ट और टिप्पणियों का निवेशकों, कर्जदाताओं और सरकार पर गहरा असर पड़ सकता है। खासकर ऐसे समय में जब ये चीनी कंपनियां भारत में पिछले चार-पांच सालों से सरकार की कड़ी निगरानी में हैं। सरकार ने इन पर कस्टम ड्यूटी और इनकम टैक्स की चोरी के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
अभी इन मामलों की जांच चल रही है और अदालत में मुकदमे भी चल रहे हैं। ओप्पो मोबाइल इंडिया और रियलमी मोबाइल टेलीकम्युनिकेशंस इंडिया, दोनों ही कंपनियां हांगकांग स्थित कंपनियों के जरिए अपने चीनी मालिकों की पूरी तरह से स्वामित्व वाली कंपनियां हैं।
ओप्पो की नेटवर्थ हुई नेगेटिव
ओप्पो भारत में तीसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड है। इसके ऑडिटर ने RoC रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी को पिछले सालों में भारी नुकसान हुआ है, जिसके कारण उसकी नेटवर्थ नेगेटिव हो गई है। इसका मतलब है कि कंपनी के पास जितनी संपत्ति है, उससे ज्यादा कर्ज है। ऑडिटर ने यह भी कहा कि कंपनी का कर्ज और इक्विटी का अनुपात ठीक नहीं है, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति और कर्ज चुकाने की क्षमता पर सवाल उठते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, FY24 में ओप्पो इंडिया की नेटवर्थ नेगेटिव 3,551 करोड़ रुपये है।
कंपनी के भविष्य पर संदेह
ऑडिटर ने रिपोर्ट में यह भी कहा है कि कंपनी कई कानूनी मामलों में फंसी हुई है और सरकार की जांच भी चल रही है। इनका क्या नतीजा होगा, यह कहना मुश्किल है और इसका कंपनी की वित्तीय स्थिति और कामकाज पर बुरा असर पड़ सकता है।
ऑडिटर ने आगे कहा कि इन हालातों को देखते हुए कंपनी के भविष्य पर संदेह होता है। यानी कंपनी शायद आगे भी अपना कारोबार जारी रख पाए या नहीं, इस पर सवाल है। हालांकि ओप्पो इंडिया ने रिपोर्ट में कहा है कि FY24 में कंपनी को मुनाफा हुआ है और वह आगे भी मुनाफा कमाने और अपना कारोबार चलाने में सक्षम होगी।
ओप्पो पर कितना कर्ज?
RoC के आंकड़ों के अनुसार, FY24 में ओप्पो इंडिया पर 2,082 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसमें से 1,668 करोड़ रुपये का कर्ज उसकी पैरेंट कंपनी से और 414 करोड़ रुपये का कर्ज HSBC बैंक से लिया गया था। इसके अलावा, कंपनी पर 2,085 करोड़ रुपये का चालू कर्ज भी था।
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