बंद हो गया चीन का जनरेटर! मंदी से हाहाकार, लोग पैसा खर्च करने से कतरा रहे, क्यों आई ऐसी नौबत

Updated on 10-09-2025 05:42 PM
नई दिल्ली: चीन की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। लोगों पैसा कम खर्च कर रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चीन में उपभोक्ता कीमतें पिछले महीने तेजी से गिरी हैं। यह गिरावट पिछले छह महीनों में सबसे ज्यादा है। वहां के नेता अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

बीजिंग पिछले कुछ सालों से घरेलू खर्च में कमी से जूझ रहा है। प्रॉपर्टी के बाजार में लंबे समय से मंदी है। निर्यात में भी दिक्कतें आ रही हैं। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index यानी CPI) महंगाई का एक पैमाना है। यह अगस्त में 0.4 प्रतिशत गिर गया। यह जानकारी चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) ने दी है। ब्लूमबर्ग के अर्थशास्त्रियों के सर्वे में 0.2 प्रतिशत गिरावट का अनुमान लगाया गया था। लेकिन गिरावट उससे भी ज्यादा हुई। फरवरी में 0.7 प्रतिशत की गिरावट के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट है

कीमतों में उतार-चढ़ाव

कैपिटल इकोनॉमिक्स के चीन के अर्थशास्त्री जिचुन हुआंग ने एक नोट में लिखा है कि जुलाई में स्थिति स्थिर थी। लेकिन फिर गिरावट आ गई। इसकी वजह खाने-पीने की चीजों की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। उन्होंने लिखा कि महंगाई थोड़ी बढ़ी है, लेकिन यह कुछ समय के लिए ही है। इससे यह नहीं समझना चाहिए कि मांग और आपूर्ति में सुधार हो रहा है। पश्चिमी देशों में महंगाई बढ़ रही है। वहीं, चीन के नेता कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रहे हैं।

निवेशकों का भरोसा होता कम

कीमतें गिरने से निवेशकों का भरोसा कम होता है। इससे चीन के विकास के लक्ष्य को भी खतरा है। चीन ने इस साल लगभग पांच प्रतिशत विकास का लक्ष्य रखा है।

एनबीएस के सांख्यिकीविद् डोंग लिजुआन ने कहा कि सीपीआई में गिरावट की वजह पिछले साल की ऊंची कीमतें हैं। इसके अलावा, खाने-पीने की चीजों की कीमतें भी सामान्य से कम बढ़ी हैं। अगस्त 2024 में उपभोक्ता कीमतें 0.6 प्रतिशत बढ़ी थीं

अभी सुधार की उम्मीद नहीं

उत्पादक मूल्य सूचकांक (Producer Price Index यानी PPI) थोक या वितरण में जाने से पहले वस्तुओं की कीमतों को मापता है। यह 2.9 प्रतिशत गिर गया। जुलाई में यह 3.6 प्रतिशत गिरा था। ब्लूमबर्ग ने भी इतनी ही गिरावट का अनुमान लगाया था। लेकिन यह गिरावट 2022 के अंत से लगातार जारी है।
कैपिटल इकोनॉमिक्स के हुआंग ने लिखा है कि घरेलू मांग कमजोर है और उत्पादन क्षमता ज्यादा है। इसलिए चीन में कीमतों में गिरावट की स्थिति में जल्द सुधार की उम्मीद नहीं है।

संघर्ष कर रहा ड्रैगन

चीन महामारी से उबरने के बाद मजबूत आर्थिक विकास बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। उस पर कर्ज का बोझ है। प्रॉपर्टी के बाजार में संकट है। लोग कम खर्च कर रहे हैं और युवाओं में बेरोजगारी बढ़ी हुई है। इस हफ्ते जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में निर्यात 4.4 प्रतिशत बढ़ा है। लेकिन यह अनुमान से कम है। अमेरिका चीन का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। लेकिन अमेरिका को निर्यात में गिरावट जारी है। क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव चल रहा है।


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