मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया
Updated on
15-11-2022 10:25 PM
मुख्यमंत्री
श्री शिवराज सिंह चौहान ने जन-नायक
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर
नमन कर माल्यार्पण किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने
निवास पर स्थित सभागार में
भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर
पुष्पांजलि अर्पित की। जन-नायक
भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15
नवम्बर 1875 को झारखंड के उलीहातु
गाँव में हुआ। वे अपने समाज की
ब्रिटिश शासकों द्वारा की गई
दशा को लेकर चिंतित रहते थे।
अपने कार्यों से बिरसा मुंडा
अपने क्षेत्र में 'धरती आबा'
यानी 'धरती पिता' हो गए थे।
राष्ट्रीय आंदोलन में अग्रणी
भूमिका निभाकर देशभक्ति की अलख
जगाने वाले 'धरती आबा' बिरसा
मुंडा को इस क्रम में भगवान
माना जाने लगा। अक्टूबर 1894 को
भगवान बिरसा मुंडा ने
अंग्रेजों से लगान माफी के लिए
आंदोलन किया। वर्ष 1897 से 1900 के
बीच मुंडाओं और अंग्रेज
सिपाहियों के मध्य युद्ध होते
रहे और बिरसा मुंडा के नेतृत्व
में मुंडाओं ने अंग्रेजों को
नाको चने चबवा दिए। मार्च 1900 में
चक्रधरपुर में बिरसा मुंडा एक
जन-सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी
उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी
अंतिम साँस 9 जून 1900 को रांची
कारागार में ली।