
जनपद पंचायत अनूपपुर अन्तर्गत ग्राम पंचायत पढौर में वर्ष 2017-18 अन्तर्गत स्वीकृत हैंडपंप उत्खनन व प्रतिस्थापना की कार्यों की राशि के हेर-फेर के मामले में 13 पूर्व सरपंच व 13 पूर्व सचिव को नोटिस भेजा गया हैं। किसी भी प्रकार की फर्म व जीएसटी नंबर न होने के बाद भी ईपीओ के माध्यम से राजकुमार शुक्ला के खाते में राशि भेजी गई थी।
जिस पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया ने इसमें संलिप्त 13 ग्राम पंचायतों के पूर्व सरपंच व 13 पूर्व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर 28 फरवरी की दोपहर 2 बजे उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि आपके ओर से किया गया कृत्य मप्र पंचायत राज अधिनियम 1993 के विरुद्ध है, क्यों दण्डात्मक कार्रवाई न की जाए?
इसमें संलिप्त 13 पूर्व सरपंच व 13 पूर्व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया हैं। जिसमें ग्राम पंचायत पठौर पूर्व सरपंच उमाकांत सिंह, पूर्व सचिव शम्भू सिंह, ग्रापं मुडधोबा के पूर्व सरपंच पूरन व पूर्व सचिव मथुरा प्रसाद केवट, ग्राम पंचायत तितरी पोड़ी पूर्व सरपंच दुलारी, पूर्व सचिव विजय कुमार गुप्त, ग्राम पंचायत दैखल के पूर्व सरपंच पर्वती धुर्वे, पूर्व सचिव सीताराम पनिका, ग्राम पंचायत डूमरकछार के पूर्व सरपंच गीता, पूर्व सचिव रजनीश शुक्ला, ग्राम पंचायत रेउला के पूर्व सरपंच खेलनिया बाई, पूर्व सचिव सुषमारानी पाण्डेय, ग्राम पंचायत डोला के पूर्व सरपंच शांतिबाई, पूर्व सचिव राजकिशोर शर्मा, ग्राम पंचायत आमाड़ाड के पूर्व सरपंच सुमीना बाई, पूर्व सचिव नेकराम केवट, ग्राम पंचायत पयारी नं.2 पूर्व सरपंच बत्तू बाई, पूर्व सचिव उत्तप पटेल, ग्राम पंचायत भाद की पूर्व सरपंच प्रेमवती, पूर्व सचिव बिसाहूलाल सिंह, ग्राम पंचायत फुलकोना की पूर्व सरपंच उमाबाई, पूर्व सचिव लल्लूराम केवट, ग्राम पंचायत बदरा की पूर्व सरपंच रूपादेवी, पूर्व सचिव खेलावन साहू व ग्राम पंचायत खोड़री नं.1 के पूर्व सरपंच स्वाचमीदीन पाव, पूर्व सचिव निरंजन जयसवाल को संबंध में पूर्ण दस्तावेज सहित अधोहस्ताक्षरी के समक्ष 28 फरवरी की दोपहर 2 बजे उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही कहा कि अनुपस्थिति व जवाब समाधान कारक न पाए जाने की दशा में मप्र. पंचायत राज व ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 की उपधारा (2) के तहत नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए आप स्वतः उत्तरदायी होंगे।