भोपाल। सिंधी समाज की ओर से भगवान झूलेलाल का अवतरण दिवस चैतीचांद महोत्सव हिंदू नव वर्ष उत्सव के रूप में मनाया रहा है। सिंधी महिला पंचायत ने संत हिरदाराम नगर में दीप प्रज्जवलित कर दीपावली की तरह अवतरण दिवस मनाने के अभियान का शुभारंभ किया।
सिंधी समाज के आह्वान पर इस बार चैतीचांद दीपावली की तरह मनाया जा रहा है। सिंधु समाज एवं महिला पंचायत ने घरों में पांच दीपक प्रज्ज्वलित करने का आह्वान किया है। महिला पंचायत ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर अध्यक्ष किरण वाधवानी ने कहा कि भगवान झूलेलाल ने जल एवं ज्योति की पूजा का संदेश दिया था। हमें दीप प्रज्ज्वलित कर खुशियां मनानीं चाहिए। इस बार अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनने से हमारी खुशियां दोगुनी हो गई हैं इसलिए हमारी अपील है कि आज शाम को सभी अपने घर में दीप प्रज्ज्वलित करें। पंचायत ने सिंधी भाषा दिवस भी मनाया। 57 साल पहले भारत सरकार ने 10 अप्रैल को यानी आज ही के दिन सिंधी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कर इसे अधिकृत भारतीय भाषा का दर्जा दिया था। प्रारंभ में पंचायत की महासचिव मधु लालवानी ने स्वागत भाषण दिया।
निकलेगी शोभायात्रा, बालस्वरूप रामलला विग्रह के होंगे दर्शन
सिंधु समाज द्वारा आज शाम पांच बजे बहिराणा पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। अयोध्या में राम मंदिर बनने की खुशियां मनाई जाएंगी। शोभायात्रा में बाल स्वरूप रामलाल विग्रह के दर्शन भी होंगे। इलेक्ट्रानिक झांकी में राम मंदिर की प्रतिकृति सजाई जाएगी। समाज के महासचिव भरत आसवानी एवं हरीश मेहरचंदानी के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ ही मातृभाषा को समृद्ध बनाने का संकल्प भी लिया जाएगा। झूलेलाल कल्याण मंडल के सेवादार भी राजकुमार वाधवानी की अगुआई में शोभायात्रा में छेज नृत्य करते हुए शामिल होंगे। जुलूस में सजीव झांकियों के दर्शन भी होंगे। चैतीचांद की पूर्वसंध्या पर बैरागढ़ बाजार को दुल्हन की तरह सजाया गया। बाजार रौशनी से नहा उठा। जगह-जगह भगवा ध्वज लगाए गए हैं।