इंदौर। जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के निलंबन के बाद खाली पद पर तीन सप्ताह बाद नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए। इस पद का प्रभार डिप्टी कलेक्टर प्रियंका चौरसिया को सौंपा गया है। इस संबंध में कलेक्टर इलैयाराजा टी ने दो दिन पहले आदेश भी जारी कर दिया है।
नियम विरुद्ध स्कूलों की मान्यता के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव ने 25 मई को डीपीसी अक्षय राठौर को निलंबन कर दिया था। निलंबन अवधि में राठौर संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में पदस्त किया हैं। राठौर ने यहां पर ज्वॉइनिंग भी दे चुके हैं। हालांकि राठौर ने निलंबन समाप्त कराए जाने व पद पर बने रहने के लिए काफी दौड़धूप भी की थी, लेकिन मामला कोर्ट में होने से वरिष्ठ अफसरों ने भी हाथ खींच लिए थे।
चूंकि राठौर के खिलाफ पूर्व में राजेंद्र नगर थाने में नौ स्कूलों को फर्जी तरीके से मान्यता देने के मामले में प्रकरण भी दर्ज हो चुका था। राठौर के निलंबन के बाद खाली हुए डीपीसी के पद पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से लेकर कई प्राचार्य जुगाड़ में लगे थे कि उन्हें प्रभार मिल जाए, लेकिन जिला पंचायत सीईओ वंदना शर्मा के सामने किसी की भी नहीं चली।
नोटशीट लौटा दी
सूत्रों का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास इस पद पर अपने चाहतों को काबिज कराना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने बकायदा नोटशीट भी चलाई और हाथीपाला स्कूल के प्राचार्य विजय मंडलेकर और देपालपुर के रोलाय के प्राचार्य शिव सेवक मौर्य के नाम के नाम आगे किए थे, लेकिन जिला पंचायत ने उक्त नामों को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद आखिरकार डिप्टी कलेक्टर चौरसिया के नाम पर कलेक्टर ने मुहर लगा दी।