
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में ग्रुप सुसाइड वाली चिठ्ठी के बाद अब यहां पर कई तरह के बदलाव देखे जा रहे हैं। यहां पर जहां एक तरफ कई तरह के नए ड्यूटी रोस्टर्स बनाए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ पुराने ड्यूटी रोस्टर्स में भी तब्दीलियां की जा रहीं हैं। दूसरी तरफ अभी तक उन डॉक्टर्स का भी पता नहीं चल सका है जिन्होंने वह चिठ्ठी लिखी थी। इसको लेकर एक तरफ फाइमा तो दूसरी तरफ जूडा भी प्रयास कर रहा है कि जिन्होंने चिठ्ठी लिखी थी वह सामने आएं और अपनी परेशानियों को बताएं।
जूडा प्रेसिडेंट संकेत सीते ने बताया कि हमारे लिए वे लेटर काफी चौंकाने वाले थे। हमने अपने एचओडी और हायर अथॉरिटी को डिपार्टमेंट के एचओडी से मीटिंग की, और अभी भी मीटिंग्स का दौर चलागार चल रहा है। इसमें हम यह तय कर रहे हैं कि आगे क्या करना है।
हर डिपार्टमेंट के एचओडी जूडा से बात कर रहे हैं, उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं। ताकि वर्किंग कंडीशन में आगे की तब्दीलियां कर सकें। ड्यूटी रोस्टर्स में भी कई तरह की तब्दीलियां की जा रहीं हैं। वहीं मैं यह कहना चाहूंगा कि अगर कोई भी हमसे बात करना चाहता है तो वह सीधे कर सकता है।
पांच डॉक्टर्स की समिति गठित
इस चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययनरत समस्त पीजी छात्र/ छात्राओं की रेगुलर एक्टिविटीज की मॉनीटरिंग के लिए अधिकारियों की समिति गठित की गई है। इसमें अध्यक्ष एवं इन्चार्ज डॉ. दीप्ति चौरसिया रहेंगे, डॉ. महिम कोसरिया, डॉक्टर नितिन नाहर, डॉ. रूचि सोनी और डिप्टी रजिस्ट्रार अमृता पटेरिया शामिल हैं।
इस बात का ध्यान रखेगी समिति
15 अप्रैल को लिखी थी चिठ्ठी
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के माहौल को लेकर 15 अप्रैल को एक चिट्ठी सामने आई है। इसमें मेडिकल कॉलेज के माहौल को टॉक्सिक बताते हुए 31 मई 2024 को ग्रुप सुसाइड की बात कही गई है। चिट्ठी में एड्रेस की जगह 'द 5 रेजिडेंस ऑफ टॉक्सिसिटी हब,' गांधी मेडिकल कॉलेज, हमीदिया हॉस्पिटल लिखा है। चिट्ठी फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA ) नई दिल्ली के अध्यक्ष को संबोधित करते हुए लिखी है। हालांकि, इसमें किसी भी रेजिडेंस डॉक्टर के नाम का जिक्र नहीं है।
बनाए जा रहे नए ड्यूटी रोस्टर
उस चिठ्ठी के बाद से कई तरह के बदलाव देखने को मिले, अब ड्यूटी का टाइम निर्धारित किया जा रहा है। अलग अलग ड्यूटी रोस्टर बनाए जा रहे हैं ताकि हर एक जूनियर डॉक्टर्स को पर्याप्त आराम करने को मिले और भोजन का समय भी मिले। हम उन डॉक्टर्स से आग्रह करेंगे कि वह हमसे मिलें और हम विश्वास दिलाते हैं कि आपकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
कुलदीप गुप्ता, प्रवक्ता, जूडा, भोपाल