क्रिकेट का खेल सुनील गावस्कर के परिवार में शामिल था। पिता मनोहर क्लब लेवल के ठीक-ठाक खिलाड़ी थे, जो अपने ऑफिस के लिए खेला करते थे। यहां तक कि सुनील गावस्कर को उनकी मां मीनल गावस्कर ने भी बचपन में ट्रेनिंग दी। छोटे से घर के बरामदे में अपने बेटे की ओर टेनिस बॉल फेंकती। एक बार नन्हें सुनील ने इतनी जोर से शॉट मारा कि मां की नाक से खून निकलने लगा। मीनल ने अपने बेटे गावस्कर के भीतर मेहनत और अनुशासन के ऐसे बीज बोये, जो उन्हें खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी पीछे नहीं रहने देती। सुनील गावस्कर ने अपनी मां और पूरे परिवार का भरोसा टूटने नहीं दिया। मैदान पर विरोधी गेंदबाजों की जमकर खबर ली और खून के एक-एक कतरे का हिसाब पूरा किया।