
दो हफ्ते बाद आज होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक में सोयाबीन के भावांतर की राशि को मंजूरी दी जाएगी। कृषि विकास और किसान कल्याण विभाग द्वारा इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट को मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसके बाद सोयाबीन के भाव में अंतर की राशि किसानों को देने की कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन के दाम में गिरावट के चलते किसानों को भावांतर के रूप में राशि देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सीएम यादव ने यहां तक कहा है कि किसानों का किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं होने देंगे। 500 से 700 या फिर 1000 रुपए क्विंटल भी किसानों को भावांतर के रूप में देना पड़ा, तो सरकार देगी। इसी तारतम्य में आज कैबिनेट में इसका प्रस्ताव लाया जा रहा है।
मोहन सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देगी। इसके लिए सोयाबीन के वास्तविक और संभावित दामों का आकलन कृषि विकास विभाग के अफसरों ने करा लिया है और इसके आधार पर ही किसानों को दिए जाने वाले भावांतर की राशि तय की जाएगी।
पंजीयन की प्रक्रिया हुई पूरी
जिन किसानों ने सोयाबीन की फसल बोई है उन्हें नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली भावांतर की राशि के लिए सरकार ने 3 से 10 अक्टूबर के बीच पंजीयन कराया है। ऐसे किसानों का पंजीयन हो चुका है और अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद जब किसानों द्वारा कृषि उपज मंडी या बाजार में सोयाबीन की बिक्री कर ली जाएगी और उसके दस्तावेज दिखाए जाएंगे, उसके आधार पर सरकार किसान को मिले सोयाबीन के भाव (दाम) में अंतर की राशि का भुगतान करेगी।
कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस पर भी होगी चर्चा
आज होने वाली बैठक में 7 और 8 अक्टूबर को हुई कलेक्टर और कमिश्नर कांफ्रेंस में तय हुई प्राथमिकताओं की जानकारी मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल के साथियों से शेयर करेंगे। इसमें मंत्रियों के दौरे को लेकर भी सीएम निर्देश दे सकते हैं, क्योंकि कांफ्रेंस में अफसरों को गांवों में रात्रि विश्राम और दौरे के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट में इन मुद्दों पर होगी चर्चा