बायजूस के इन्वेस्टर्स ने रवींद्रन को बोर्ड से बाहर किया:उनकी पत्नी और भाई को भी निकाला

Updated on 24-02-2024 01:39 PM

एडटेक कंपनी बायजूस के इन्वेस्टर्स ने कंपनी के फाउंडर-CEO रवींद्रन बायजू, उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ और भाई रिजु रवींद्रन को बोर्ड से हटा दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार (23 फरवरी) को एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में यह फैसला किया गया।

मनीकंट्रोल के सूत्रों के मुताबिक, प्रोसस, जनरल अटलांटिक और पीक एक्सवी जैसे कई ब्लू चिप इन्वेस्टर्स ने EGM में रवींद्रन और उनकी फैमिली को हटाने के लिए वोट किया।

रवींद्रन और उनकी फैमिली ने EGM और वोटिंग को अवैध बताया
लगभग 60% शेयरहोल्डिंग वाले निवेशकों ने कंपनी में लीडरशिप और गवर्नेंस में बदलाव के प्रस्तावों को पारित करने के पक्ष में वोट किया। वहीं रवींद्रन और उनकी फैमिली ने EGM और वोटिंग को अवैध बताया। रवींद्रन और उनकी फैमिली इस मीटिंग में शामिल भी नहीं हुए थे।

कंपनी में रवींद्रन और उनकी फैमिली की लगभग 26% हिस्सेदारी
इन्वेस्टर्स ने रवींद्रन की लीडरशिप वाले मैनेजमेंट के ​​​मिसमैनेजमेंट और फेल्योर्स की वजह से यह फैसला किया है। जिन शेयरहोल्डर्स ने EGM बुलाई थी, उनके पास बायजूस में टोटल 30% से ज्यादा की हिस्सेदारी है। कंपनी में रवींद्रन और उनकी फैमिली की लगभग 26% हिस्सेदारी है।

EGM में निवेशकों ने लीडरशिप में सुधार करने, बोर्ड को रिकंस्टीट्यूट करने और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े उल्लंघनों की फोरेंसिक जांच शुरू करने के लिए भी प्रस्ताव पारित किए।

फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट के चलते मौजूदा बोर्ड को हटाया
सूत्रों के मुताबिक, इन्वेस्टर्स ने फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट, कंपनी के लीगल राइट्स को लागू करने में मैनेजमेंट की विफलता के कारण वैल्यू में गिरावट और महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाने की वजह से मौजूदा बोर्ड को हटाया है।

EGM लगभग 4 घंटे तक चली और प्रस्तावों पर मतदान के बाद समाप्त हुई। हालांकि, शुक्रवार को होने वाली वोटिंग का नतीजा 13 मार्च तक लागू नहीं होगा। उस दिन कर्नाटक हाई कोर्ट कुछ निवेशकों के कदम को चुनौती देने वाली रवींद्रन की याचिका पर सुनवाई करेगा।

हाई कोर्ट ने 21 फरवरी को बायजूस के शेयरधारकों की ओर से बुलाई गई EGM पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। बयान में निवेशकों ने यह भी कहा कि वे अपना मामला कर्नाटक हाई कोर्ट में पेश करने का प्लान बना रहे हैं।

बायजूस इन्वेस्टर्स ने NCLT में मैनेजमेंट के खिलाफ केस किया
इससे पहले बायजूस के 4 इन्वेस्टर्स के एक ग्रुप ने आज नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की बेंगलुरु पीठ में कंपनी के मैनेजमेंट के खिलाफ हैरेसमेंट और मिसमैनेजमेंट का केस रजिस्टर कराया। इन्वेस्टर्स ने NCLT से कंपनी के फाउंडर और CEO बायजू रवींद्रन सहित कंपनी को चलाने वाले लोगों को अयोग्य घोषित करने और नया बोर्ड नियुक्त करने की मांग की।

इसके साथ ही कंपनी के फोरेंसिक ऑडिट और राइट्स इश्यू को शून्य घोषित करने की मांग की गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मीटिंग ऑर्गनाइजर्स को ऑथराइज पार्टिसिपेट को आईडेंटिफाई करने में 2 घंटे का समय लग गया। बायजू के सूत्रों ने बताया कि जनरल मीटिंग (EGM) में टेक्निकल प्रॉब्लम्स थीं, जो सुबह 9 बजे से शुरू होकर लगभग चार घंटे तक चली।

बायजूस ने कहा- हमें कोई जानकारी नहीं
बायजूस के प्रवक्ता ने कहा कि NCLT में ऐसी किसी याचिका के बारे में हमें कोई भी जानकारी नहीं है। कंपनी अफवाहों पर कोई टिप्पणी नहीं करती है। अगर ऐसी कोई याचिका दाखिल की गई है तो कानून और उचित प्रक्रिया के मुताबिक इसका जवाब दिया जाएगा।

ED की बायजू रवींद्रन के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर की मांग
हाल ही में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) से ऐडटेक फर्म बायजूस के फाउंडर और CEO बायजू रवींद्रन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने के लिए कहा है। इसके जरिए जांच एजेंसी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बायजू रवींद्रन देश छोड़कर न जाएं। इकोनॉमिक्स टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में इसके बारे में जानकारी दी है।

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत बायजूस की जांच कर रही ED
ED बायजूस के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) उल्लंघन के तहत भी जांच कर रही है। इसको लेकर 3 महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय ने बायजू रवीन्द्रन और थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड को 9,000 करोड़ रुपए का नोटिस भी भेजा था।

ED के अनुसार, बायजूस ने बताया था कि उसने भारत के बाहर निवेश किया था जो कि कथित तौर पर फेमा 1999 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इससे भारत सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ था, जिससे 1999 के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।

बायजूस का 2022 में घाटा बढ़कर 8,245 करोड़ रहा
एड-टेक कंपनी बायजूस को वित्त वर्ष 2022 में ₹8,245 करोड़ का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2021 में घाटा 4,564 करोड़ रुपए था। यानी कंपनी का घाटा करीब-करीब दोगुना हो गया है। इस दौरान कंपनी का टोटल रेवेन्यू ₹5,298 करोड़ रहा। 2021 में रेवेन्यू 2,428 करोड़ रुपए था। यानी रेवेन्यू में 118% का उछाल आया है।

बायजूस की पैरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न ने कंपनी रजिस्ट्रार के पास अपनी ऑडिटेड फाइनेंशियल रिपोर्ट दाखिल की है। घाटे का लगभग आधा हिस्सा (लगभग 3,800 करोड़ रुपए) व्हाइटहैट जूनियर और ओस्मो जैसी कंपनियों के कारण है। कंपनी की ओर से किए गए ये दो प्रमुख अधिग्रहण हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 21 September 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत में हाल में आई तेजी के बीच बांग्लादेश ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 17.4% तक की बढ़ोतरी की है। पहले से ही…
 21 September 2026
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में बेहतर भविष्य की तलाश में पहुंचे एक भारतीय की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। 11 साल पहले पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया…
 21 September 2026
नई दिल्ली: लोक गायिका और बिहार की 26 साल की विधायक मैथिली ठाकुर इस समय लग्जरी कार रोल्स रॉयस को लेकर चर्चा में हैं। हाल में वह मुंबई में लालबागचा…
 21 September 2026
नई दिल्ली: भारत में ट्रेन का देरी से चलना और गंतव्य स्थान पर देरी से पहुंचना कोई नया नहीं है। काफी ट्रेन को 8-10 घंटे या इससे भी ज्यादा समय…
 21 September 2026
नई दिल्ली: आधी रात को तो दिल्ली जैसे महानगरों में भी बस या सार्वजनिक परिवहन के साधन नहीं मिलते। छोटे शहर या कस्बे की बात तो छोड़ ही दीजिए। सोचिए…
 21 September 2026
नई दिल्ली: देश में लोग कई जरूरी कामों के लिए लोन लेते हैं। यह बैंक या वित्तीय संस्थाओं के द्वारा अलग-अलग ब्याज दरों पर दिया जाता है। इस बीच इमरजेंसी…
 20 September 2026
नई दिल्‍ली: भारत में जब कोई यात्रा के दौरान या बाहर पीने के पानी की बोतल मांगता है तो अक्‍सर मुंह से 'बिसलेरी' निकलता है। कभी सिर्फ अमीर विदेशी पर्यटकों…
 20 September 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। रेलवे ने अलग-अलग जोन और…
 20 September 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी सजग नजर आ रही है। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के पैसे की भागीदारी बढ़ाने के लिए…
Advt.