बलूचिस्तान में बड़ा नुकसान कर सकता है BLA, चीनी प्रोजेक्ट निशाने पर, पाकिस्तान भी नहीं बचेगा

Updated on 20-03-2025 02:36 PM
नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का हस्तक्षेप अब ज्यादा बढ़ गया है। पहले ट्रेन हाईजैक और फिर पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमले के बाद बीएलए अब चीन को निशाना बना सकता है। माना जा रहा है कि बीएलए पाकिस्तान में बन रहे चीन के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर बड़ा हमला कर सकता है। इस हमले से चीन को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हो सकता है।
इस समय पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थिति काफी खराब है। बीएलए बलूचिस्तान को आजाद करना चाहती है। इसके लिए उसने अपना अभियान तेज कर दिया है। बीएलए ने बलूचिस्तान में हाल ही में जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। बीएलए का दावा था कि उसने ट्रेन में यात्रियों को बंधक बना लिया था और 200 से ज्यादा बंधकों की हत्या कर दी थी। ट्रेन हाईजैक का मामला अभी शांत भी नहीं पड़ा था कि बीएलए ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर बड़ा हमला कर दिया था। बीएलए ने दावा किया था कि इस हमले में पाकिस्तान के 90 जवान मारे गए।

खतरे में पड़ जाएगा चीन का निवेश

चीन ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में इस समय अरबों डॉलर रुपये का निवेश किया हुआ है। CPEC प्रोजेक्ट भी बलूचिस्तान से गुजर रहा है। इस प्रोजेक्ट की लागत 60 अरब डॉलर से ज्यादा है। हालांकि समय के साथ इसकी लागत और बढ़ती जा रही है। माना जा रहा है कि इस समय इसकी लागत 65 अरब डॉलर से कहीं ज्यादा हो चुकी है।

अगर बीएलए बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कराने की जिद पर अड़ जाते हैं और इसके लिए हमले करते हैं तो इससे पाकिस्तान और चीन दोनों को नुकसान होगा। अगर हालात बिगड़ते हैं तो न केवल पाकिस्तान टूटेगा, बल्कि चीन ने जो अरबों डॉलर का निवेश किया है वह भी खतरे में पड़ जाएगा।

चीन में मची खलबली

बलूचिस्तान में बीएलए की ओर से हुए हालिया हमलों को लेकर चीन में खलबली मच गई है। चीन CPEC की सुरक्षा को लेकर डरा हुआ है। चीन को डर है कि बलूच इस अरबों डॉलर की परियोजना को नुकसान पहुंचाएंगे।

करीब 3000 किमी लंबे CPEC के लिए चीन ने बलूचिस्तान में करीब 65 अरब डॉलर का निवेश किया है। इससे चीन को मध्य पूर्वी बाजारों तक पहुंचने के लिए आसान और तेज रास्ता मिलता है। अगर बीएलए इस प्रोजेक्ट को निशाना बनाती है तो इससे चीन और पाकिस्तान का नुकसान होना तय है।

पहले भी हुए हैं हमले

बलूचिस्तान मे रहने वाले लोगों का दावा है कि चीन उनके संसाधनों को लूट रहा है। इसके चलते वहां के लोग इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। बीएलए पहले भी इस प्रोजेक्ट को लेकर वहां काम करने वाले चीनी कर्मियों पर हमले कर चुकी है।

बलूचिस्तान एक संसाधन-समृद्ध क्षेत्र है। यहां प्राकृतिक गैस, कोयला, कॉपर, गोल्ड और अन्य मूल्यवान खनिजों का भंडार है। पाकिस्तान और चीन मिलकर इन खनिजों का खनन कर रहे हैं। लेकिन बलूचों को बदले में कुछ नहीं मिल रहा है। इसलिए, बलूचों ने अब हथियार उठा लिए हैं।

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