बिलासपुर जिला कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी

Updated on 28-03-2026 11:33 AM
बिलासपुर, बिलासपुर में जिला कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ई-मेल के जरिए भेजी गई इस धमकी के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक दस्ते के साथ टीम ने कोर्ट परिसर की तलाशी ली। लेकिन, कहीं कुछ नहीं मिला। पिछले 3 महीने के भीतर यह तीसरा बार कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

दरअसल, शुक्रवार को जिला कोर्ट की कार्रवाई चल रही थी। कोर्ट रूम में जज, वकीलों के साथ ही पक्षकार भी मौजूद थे। तभी पता चला कि ई-मेल के जरिए एक बार फिर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसकी जानकारी पुलिस अफसरों को दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस का अमला अलर्ट मोड पर आ गया। आनन-फानन में कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। जिसके बाद कोर्ट रूम समेत आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

3 महीने में तीसरी बार मिली धमकी

यह कोई पहली घटना नहीं है, जब कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पहले हाईकोर्ट और जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। पिछले तीन महीने के भीतर यह तीसरा मौका है, जब इस तरह का धमकी भरा मेल मिला है।

हालांकि, हर बार जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएं प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी, बढ़ाई गई सुरक्षा

धमकी की सूचना मिलते ही न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के अंदर और बाहर सभी कमरों, गलियारों और परिसर के कोने-कोने की बारीकी से तलाशी ली गई। पुलिस ने एहतियातन प्रवेश द्वारों पर निगरानी बढ़ा दी है। आने-जाने वाले लोगों और संदिग्ध वस्तुओं की सख्ती से जांच की जा रही है।

रोजाना हजारों लोगों की रहती है मौजूदगी

न्यायालय परिसर की संवेदनशीलता को देखते हुए यह मामला और गंभीर हो जाता है। यहां हर दिन कई न्यायाधीश, करीब एक हजार वकील और हजारों की संख्या में पक्षकार पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की धमकियां न केवल न्यायिक कार्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम लोगों और कर्मचारियों के मन में असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती हैं।

अब तक नहीं पकड़ में आए आरोपी

इस तरह लगातार धमकी भरे मेल सामने आने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और ईमेल की जांच कर रही है। लेकिन, अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। जिला न्यायालय को यह तीसरी बार धमकी मिली है। इससे पहले दो बार हाईकोर्ट को भी इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।

इतना ही नहीं, बिलासपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के कई जिलों और कई राज्यों के न्यायालयों को भी ऐसी धमकियां लगातार मिल रही हैं। लेकिन, अब तक आरोपियों को नहीं पकड़ा जा सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।



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