भारतीय मोटर व्हीकल सेक्टर से आई बड़ी खबर, रेनो ने खरीदी निसान की पूरी हिस्सेदारी

Updated on 01-04-2025 01:44 PM
नई दिल्ली: फ्रांस हेडक्वार्टर वाली मोटर व्हीकल बनाने वाली रेनो (Renault) ने भारतीय ज्वाइंट वेचर कंपनी में निसान (Nissan) की 51% हिस्सेदारी खरीदने वाली है। इस कंपनी का नाम रेनो निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (RNAIPL) है। अब रेनो इस कंपनी की पूरी मालिक बन जाएगी। यह सौदा सोमवार को घोषित किया गया। इसमें कितनी रकम का लेनदेन हुआ है, यह नहीं बताया गया है। लेकिन, दोनों कंपनियों के बीच भारत में आगे कैसे काम होगा, इस पर एक समझौता हुआ है। निसान कंपनी RNAIPL से गाड़ियां खरीदना जारी रखेगी।

हो गया समझौता

RNAIPL की तरफ से यहां जारी एक बयान के मुताबिक रेनो ग्रुप और निसान ने एक शेयर खरीदने का समझौता किया है। इसके अनुसार, कंपनी की ऑनरशिप रेनो ग्रुप को ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस सौदे के बाद, रेनो ग्रुप RNAIPL की पूरी मालिक होगी। दोनों कंपनियां अभी चल रहे प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम करना जारी रखेंगी। साथ ही, भारत में आगे भी मिलकर काम करने के लिए सहमत हुई हैं।

निसान का क्या है कहना


निसान ने कहा है कि वह भारत में गाड़ियां बनाने और उन्हें दूसरे देशों में भेजने के लिए RNAIPL का इस्तेमाल करती रहेगी। कंपनियों ने इस सौदे की वित्तीय जानकारी नहीं दी है। समझौते में यह बताया गया है कि अभी कौन-कौन से प्रोजेक्ट चल रहे हैं और रेनो और निसान भारत में आगे कैसे काम करेंगी।

आगे की क्या है योजना

दोनों कंपनियां मिलकर रेनो निसान टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस सेंटर इंडिया (RNTBCI) को चलाती रहेंगी। निसान की RNTBCI में 49% हिस्सेदारी रहेगी, जबकि रेनो ग्रुप के पास 51% हिस्सेदारी होगी। RNAIPL निसान की गाड़ियां बनाती रहेगी, जिसमें नई निसान मैग्नाइट भी शामिल है। यह फैक्ट्री भारत में निसान के विस्तार योजनाओं के लिए बहुत जरूरी है। रेनो ग्रुप, अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ी कंपनी एम्पीयर के जरिए, निसान के लिए 2026 से टिंगो गाड़ी का एक नया मॉडल बनाएगी। निसान इस छोटी गाड़ी (A-सेगमेंट) को डिजाइन करेगी। इससे रेनो को दूसरे देशों में अपना कारोबार बढ़ाने का मौका मिलेगा। निसान भारत में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने पर ध्यान देगी।

रेनो ग्रुप का क्या है कहना


रेनो ग्रुप के CEO, लूका डी मेओ ने कहा, "निसान के साथ लंबे समय से पार्टनर होने और उसके मुख्य शेयरधारक होने के नाते, रेनो ग्रुप चाहता है कि निसान जल्द से जल्द अपनी परफॉर्मेंस सुधारे। हमने मिलकर यह पता लगाने की कोशिश की कि निसान की रिकवरी में कैसे मदद की जाए और रेनो ग्रुप के लिए फायदेमंद मौके कैसे बनाए जाएं।"

कब पूरा होगा सौदा


इस सौदे के 2025 की पहली छमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। इस सौदे के पूरा होने के बाद, RNAIPL को रेनो ग्रुप के वित्तीय रिकॉर्ड में शामिल कर लिया जाएगा। रेनो को उम्मीद है कि 2025 में उसे लगभग 200 मिलियन यूरो का फायदा होगा। यह सौदा 2025 की पहली छमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। इससे नई गाड़ियां लॉन्च करने और उनमें निवेश करने की योजना में मदद मिलेगी।

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