
भोपाल रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई है। सुरक्षा में चूक के दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में युवक अपनी कार लेकर धड़ल्ले से 6 नंबर प्लेटफॉर्म पर घुस गया। युवक ने कार को 6 नंबर प्लेटफॉर्म के एक छोर से दूसरे छोर तक तेज रफ्तार में चलाया।
वहीं, दूसरे वीडियो में एक युवक स्कूटर को प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर चलाते हुए दिख रहा है। यात्री गाड़ियों को आता देख जल्दी से किनारे हो गए। गनीमत रही कि कोई व्यक्ति गाड़ी की चपेट में नहीं आया। खास बात यह है कि भोपाल स्टेशन पर कुल 14 एंट्री-एग्जिट गेट हैं, लेकिन सुरक्षा का इंतजाम कहीं भी नहीं है।
बता दें कि 6 नंबर प्लेटफॉर्म की ओर पार्सल ऑफिस की ओर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यही रास्ता भोपाल स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी बन चुका है। इधर से कोई भी व्यक्ति बिना किसी रोक-टोक के प्लेटफॉर्म 6 से लेकर 4-5 और 1 पर वाहन लेकर पहुंच सकता है। इस गेट पर न तो कोई सुरक्षा जांच की व्यवस्था है और न कोई बैरिकेडिंग की गई है।
मेटल डिटेक्टर मशीन भी नहीं... पूरे स्टेशन में 14 एंट्री-एग्जिट गेट हैं। यहां किसी गेट पर कोई चेकिंग नहीं होती है और न ही कोई मेटल डिटेक्टर मशीन मौजूद रहती है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति बिना किसी झिझक के अंदर आ-जा सकता है।
पार्सल के लिए बने रास्ते का उपयोग प्लेटफॉर्म क्रॉस करने के लिए हो रहा
सुरक्षा व्यवस्था की चूक को इस तरह देखा जा सकता है कि कोई भी व्यक्ति अपनी जान को खतरे में डालकर प्लेटफॉर्म 6 से 1 पर और बाहर बिना किसी रोक-टोक के पहुंच सकता है। पार्सल लाने-ले जाने के लिए बने रास्ते पटरियों से होकर गुजरते हैं। इस रास्ते का इस्तेमाल सिर्फ पार्सल लाने-ले जाने के लिए होना चाहिए।
लेकिन, लोग अपने वाहन लेकर पटरियों के बीच से बाहर और 1 नंबर प्लेटफार्म की ओर जा रहे हैं। दरअसल, स्टेशन के बाहर ट्रैफिक पुलिस चौकी के बगल में रेलवे का गेट लगा है, जो खुला रहता है। इस गेट से रास्ता पटरियों और सभी प्लेटफॉर्म से होता हुआ सीधे पार्सल ऑफिस जाता है। लोग समय बचाने के लिए पार्सल ऑफिस से इस गेट से बाहर निकलते हैं, जो खतरनाक है।
दोनों वाहन जब्त किए हैं, कार्रवाई करेंगे प्लेटफॉर्म पर कार और स्कूटर दौड़ाने की जानकारी मिली थी। कार मालिक की पहचान रवि कुमार वाधवानी और स्कूटर मालिक की पहचान मोहम्मद आदिल के रूप में हुई है। दोनों वाहन जब्त कर लिए गए हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-प्रशांत यादव, सीनियर कमांडेंट आरपीएफ