
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए नियुक्त किए जाते हैं। उन्हें नियमित मानदेय के साथ-साथ अगर वे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर जैसी बीमारियों की जांच और फॉलोअप करते हैं, तो अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। लेकिन इन अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच यह राशि प्राप्त कर ली।
राज्य स्तर पर की गई जांच में यह साफ हो गया कि इन अधिकारियों ने बिना वास्तविक सेवा दिए ही रिपोर्ट में झूठा काम दिखाया और सरकार से पैसे ले लिए। जांच के दौरान अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने गलत तरीके से प्रोत्साहन राशि निकाली। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने मानव संसाधन मैनुअल 2025 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए इनकी सेवाएं समाप्त कर दीं।