स्पोर्ट्स सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट से हटेगा रजिस्ट्रेशन पर लगा बैन, जानिए क्या है परियोजना, क्यों लगा है प्रतिबंध

Updated on 28-02-2024 01:39 PM
नई दिल्ली: नोएडा के सेक्टर 150 में स्थित स्पोर्ट्स सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट (Sports City Project) में अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन पर लगे तीन साल लंबे बैन के हटने की संभावना है। ऐसा होने पर ऐसे हजारों होम बायर्स को बड़ी राहत मिलेगी जो पिछले तीन-चार वर्षों से परेशान हैं। प्राधिकरण ने साल 2021 में CAG ऑडिट के मद्देनजर इसपर प्रतिबंध लगा दिया था। नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के हजारों फ्लैट खरीदार अब भी बुरी तरह से फंसे हुए हैं। अब राज्य की सर्वोच्च संस्था - सार्वजनिक लेखा समिति (पीएसी) जिसमें वरिष्ठ विधायक शामिल हैं, जांच के बाद आखिरकार प्रतिबंध हटाने और सेक्टर 150 में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के संशोधित लेआउट को मंजूरी देने की सिफारिश की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि रजिस्ट्री पर लगे प्रतिबंध को हटाने और डेवलपर द्वारा प्रस्तुत संशोधित लेआउट को मंजूरी देने की सिफारिशें मिल गई हैं, इसलिए हमने इसे आगामी बोर्ड बैठक में उठाने का फैसला किया है, जो जल्द ही आयोजित की जाएगी। बैठक में चर्चा के बाद, प्राधिकरण बोर्ड अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन, अधिभोग प्रमाण पत्र जारी करने और इस आवास परियोजना के संशोधित लेआउट को मंजूरी देने पर भी विचार करेगा।

दांव पर लगा हुआ भारी निवेश

नोएडा प्राधिकरण का लक्ष्य 2024 के आम चुनावों से पहले आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले किसी भी समय बोर्ड बैठक आयोजित करना है। अगर यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह जो नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं, वही समय देते हैं। अध्यक्ष की अध्यक्षता में, बोर्ड योग्यता के आधार पर स्पोर्ट्स सिटी के मुद्दों पर चर्चा करेगा और इस परियोजना के भाग्य का फैसला करेगा जहां भारी निवेश दांव पर लगा है।

प्राधिकरण ने लगाई है रोक

प्राधिकरण ने सेक्टर 150 में प्लॉट या फ्लैट बिक्री की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने जांच शुरू कर दी थी। अब कैग की टिप्पणियों पर पीएसी द्वारा गौर किया गया और उनका समाधान किया गया। साथ ही, पीएसी ने नोएडा प्राधिकरण से सबलीज डीड पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने और स्पोर्ट्स सिटी के संशोधित लेआउट को मंजूरी देने के लिए कहा ताकि अटकी हुई रियल्टी परियोजनाएं आगे बढ़ सकें। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण की 201वीं बोर्ड बैठक में 18 जनवरी, 2021 को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ स्थित शहर के सेक्टर 150 में बिल्डिंग मैप एमेंडमेंट और अपार्टमेंट मालिकों की रजिस्ट्री एप्रूवल पर भी रोक लगा दी गई थी, जिससे परेशान हुए होम बायर्स अपने-अपने फ्लैट में बिना रजिस्ट्री के रह रहे हैं।

क्या है स्पोर्ट्स सिटी परियोजना

स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के तहत, लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के नेतृत्व में डेवलपर्स 30 प्रतिशत भूमि पर अल्ट्रा लक्जरी आवास परियोजनाएं विकसित कर रहे हैं। वहीं बाकी 70 फीसदी योजना की शर्तों के मुताबिक यहां विश्व स्तरीय खेल सुविधाओं के लिए आरक्षित है। मास्टर डेवलपर लोटस ग्रीन्स की स्पोर्ट्स सिटी में टाटा, गोदरेज, एसीई, प्रेस्टीज ग्रुप, होम क्राफ्ट, एल्डेको और समृद्धि ग्रुप समेत कई कंपनियां रियल्टी प्रोजेक्ट डेवलेप कर रही हैं। बिड़ला एस्टेट्स ने भी इस प्रोजेक्ट में जमीन लेने में दिलचस्पी दिखाई है। .

किसानों से हुआ विवाद

साल 2014-15 में, नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर 150 में स्पोर्ट्स सिटी की 12 लाख वर्ग मीटर जमीन आवंटित की थी। हालांकि, किसानों के विवाद के कारण नोएडा प्राधिकरण को अभी तक स्पोर्ट्स सिटी की कम से कम 300,000 वर्ग मीटर जमीन का कब्जा नहीं सौंपा गया है। अगर प्राधिकरण अदालत के आदेश को लागू करता है, तो कम से कम 10,000 घर खरीदारों को तत्काल राहत मिलेगी। होम बायर्स अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे।

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