भारत के दरवाजे तक हमला, ईरानी नौसेना का नामोनिशान क्यों मिटाना चाहते हैं ट्रंप? सामने आई अमेरिकी प्लानिंग!

Updated on 06-03-2026 02:59 PM
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान की नौसेना का नामोनिशान मिटा देंगे। अमेरिका लंबे समय से ईरान की नौसेना के जहाजों को एक गंभीर खतरा मानता रहा है। भले ही चर्चा हमेशा ईरान के परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को लेकर होता रहे, उसके मिसाइल प्रोग्राम को लेकर हुआ हो, लेकिन ईरान की नेवी को भी अमेरिका बहुत बड़ा खतरा मानता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान की नौसेना फारस की खाड़ी क्षेत्र से व्यापार और एनर्जी सप्लाई में रुकावट डाल सकते हैं।

अमेरिका की सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिकी सेना ने 30 से ज्यादा ईरानी नेवी के जहाजों को डुबो दिया है या खत्म कर दिया है। अमेरिका ने ईरान के एक जहाज को हिंद महासागर में श्रीलंका के पास भी एक सबमरीन हमले में टॉरपीडो से उड़ा दिया था। ईरानी अधिकारियों ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने की धमकी दी है जो ईरान और यूनाइटेड अरब अमीरात के बीच का पतला चैनल है। यहां से दुनिया से गुजरने वाले कुल प्राकृतिक गैस का पांचवां हिस्सा गुजरता है।

ईरान की नेवी को अमेरिका क्यों मानता है खतरनाक?

ईरान के पास दो तरह की नौसेना है। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान के मिलिट्री प्लानर्स ने अपनी नेवी फोर्स को दो अलग-अलग सर्विस में बनाया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की नौसेना तो दुनिया के दूसरे देश की नौसेना की ही तरह है। लेकिन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की अपनी नौसेना भी है जो खाड़ी और ईरान के कोस्टलाइन पर ऑपरेशन्स पर फोकस करती है। IRGC की नौसेना ज्यादातर छोटी तेज नावों का इस्तेमाल करती है।

ईरान के पास दो नौसेना, अमेरिका को डर क्यों है?

  • ईरान की पारंपरिक नौसेना- यह ईरान की पारंपरिक नौसेना है जो गहरे समुद्र में बड़े जहाजों और पनडुब्बियों के साथ काम करती है।
  • IRGC की अपनी नौसेना- रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की अपनी समुद्री सेना है जो मुख्य रूप से फारस की खाड़ी में छापामार युद्ध और छोटी घातक नावों के ऑपरेशन की जिम्मेदारी लेती है।
  • मदरशिप और ड्रोन कैरियर- ईरान के पास IRIS Shahid Bagheri नाम का पहला ड्रोन कैरियर था, लेकिन अमेरिका ने इसे तबाह कर दिया है। इसे एक कमर्शियल जहाज से बदला गया था। इसमें 180 मीटर का रनवे था जो शाहेद सीरिज के ड्रोन को लॉन्च कर सकता था।
  • IRIS Makran- ईरान के पास IRIS मकरान नाम का एक विशाल जहाज है जो समुद्र में एक तैरते हुए मिलिट्री बेस की तरह काम करता है और हेलीकॉप्टर और स्पेशल फोर्सेज के ऑपरेशन को मदद करता है।
  • पनडुब्बी बेड़ा- ईरान के पास करीब 25 पनडुब्बियां हैं। इनमें रूस मूल की किलो-क्लास पनडुब्बियां और स्वदेशी घादिर और नाहंग क्लास की छोटी पनडुब्बियां शामिल हैं। उथले पानी में ऑपरेशन में माहिर।
  • मिसाइल और डिफेंस टेक्नोलॉजी- IRIS डेना, जिसे अमेरिका ने श्रीलंका के पास डुबोया है वो उसका स्वदेशी युद्धपोत था। ये एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों से लैस था।

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